भाजपा छोड़ सभी विपक्षी पार्टियां चाहती हैं ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान
देश के जीडीपी ग्रोथ में गरीब बहुजनों की उचित हिस्सेदारी नहीं,सबका विकास करने में फेल है डबल इंजन सरकार
अमेठी। उत्तर प्रदेश की चार बार की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन सुश्री मायावती ने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम के नाम से बनी राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों की कार्यप्रणाली से बहुजन समाज और देश की जनता को सावधान किया है। बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि देश की सभी जातिवादी राजनीतिक पार्टियां छोटे छोटे सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों को आगे करके साम ,दाम दंड ,भेद के सहारे बहुजन समाज पार्टी को कमजोर करने की कोशिश में लगी हुई हैं। दलितों एवं उपेक्षित वर्ग के हितों के लिए समर्पित बहुजन हिताय बहुजन सुखाय के सिद्धांतों पर चलने वाली एक मात्र राजनीतिक पार्टी बसपा है।यू पी जैसे बड़े राज्य में चार बार सत्ता में रहते हुए बसपा ने कानून का राज कायम करते हुए सर्व समाज का कल्याण किया है।
देश की जातिवादी पार्टियों ने एक सोची समझी रणनीति के तहत बहुजन समाज पार्टी का रास्ता रोकने के लिए बाबा साहब डॉ अम्बेडकर और मान्यवर कांशीराम के नाम से बनी छोटी पार्टियों और सामाजिक संगठनों को आगे किया है ताकि बहुजन समाज के मतदाताओं को गुमराह करके राजनीतिक हित साधन किया जा सके।बसपा सुप्रीमो ने कहा कि विपक्षी पार्टियां बसपा के खिलाफ राजनीतिक माहौल तैयार करने के लिए अपने वोट ट्रांसफर करके एम पी,एम एल ए भी जितवा रही हैं।ई वी एम में धांधली करके बी एस पी के उम्मीदवारों को न जीतने देना इनकी रणनीति का हिस्सा है।बसपा सुप्रीमो ने कहा है कि देश की सारी विपक्षी पार्टियां चाहती हैं कि ई वी एम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव हो, परंतु वर्तमान सरकार के रहते यह सम्भव नहीं है।कांग्रेस, भाजपा, सपा और अन्य पार्टियों के इशारे पर दलित एवं उपेक्षित वर्गों की एकता को छिन्न-भिन्न करके बसपा को कमजोर करने की कोशिश में शामिल इन वर्गों के विधायक , मंत्री और अन्य नेताओं से भी बहुजन समाज को सावधान रहने की जरूरत है।बसपा सुप्रीमो ने सवाल उठाए हैं कि देश में गरीबी, बेरोज़गारी, अशिक्षा और पिछड़ापन की ज्वलंत समस्याएं अभी भी कायम हैं।देश के जी डी पी ग्रोथ में गरीब बहुजनों की उचित हिस्सेदारी नहीं है, इससे सिद्ध होता है कि सरकार सबका विकास करने में अक्षम साबित हो रही है। बसपा सुप्रीमो ने पहलगाम में हुई आतंकी घटना के नाम देश में चल रही राजनीति और कोरोना के बढ़ते प्रभाव और ग़रीबी और मंहगाई पर भी चिंता जताई है।





