मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सपा के विकास मॉडल को परिवारवाद और तुष्टीकरण पर आधारित बताया। योगी ने जेपीएनआइसी, गोमती रिवरफ्रंट और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सपा सरकार में परियोजनाएं अधूरी रहीं और लागत बढ़ी। उन्होंने यूपी में वर्तमान विकास और ईवी सेक्टर की प्रगति पर भी प्रकाश डाला।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। जेपीएनआइसी, गोमती रिवरफ्रंट और पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के उदाहरण देकर कहा कि सपा सरकार का परिवारवादी, तुष्टीकरण आधारित और दंगाइयों को पल्लवित-पोषित करने वाला था।
उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी विकास की बात करती है और वर्तमान सरकार की विकास योजनाओं या बजट पर टिप्पणी करती है तो हंसी आती है। बहुत सारे सेक्टर हैं, जिसमें यह लोग गुमराह कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आपातकाल के खिलाफ शंखनाद करने वाले लोकनायक जयप्रकाश नारायण उत्तर प्रदेश की धरा पर जन्मे थे।
हमारी सरकार को इस बात पर गौरव की अनुभूति होती है कि हमने जेपी की अंतिम इच्छा का सम्मान किया है। उनकी जन्मभूमि पर अस्पताल निर्माण और बेहतर कनेक्टिविटी की व्यवस्था की गई है। जेपी के नाम पर राजनीति करने वाले यह कार्य नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जेपीएनआइसी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) 200 करोड़ रुपये की बनी, लेकिन 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी परियोजना अधूरी रही।
ये है समाजवादी पार्टी के विकास माडल का उदाहरण
यह समाजवादी पार्टी के विकास माडल का उदाहरण है। गोमती रिवर फ्रंट परियोजना 300 करोड़ रुपये की थी, लेकिन 1400 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद अधूरी रही। समाजवादी सरकार में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना का एलाइनमेंट तय कर टेंडर अवार्ड कर दिए, जबकि भूमि अधिग्रहण नहीं किया गया। किसी भी परियोजना में 80 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण से पहले टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकती, लेकिन यहां अवैध तरीके से टेंडर किए गए।
उस समय परियोजना की डीपीआर बनी थी, वो 15,200 करोड़ रुपये की थी। एक्सप्रेसवे को 110 मीटर चौड़ा और 390 किलोमीटर लंबा बनाया जाना था। मार्च में सरकार बनने के बाद मई में उन्होंने इसकी प्रगति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रगति शून्य है, क्योंकि भूमि अधिग्रहण नहीं हुआ था। हमारी सरकार ने एलाइनमेंट में थोड़ा परिवर्तन कर भूमि अधिग्रहण कराया। एक्सप्रेसवे को 110 मीटर के बजाय 120 मीटर चौड़ा करने का निर्णय लिया गया, ताकि भविष्य में दिल्ली से वाराणसी तक बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भी भूमि की व्यवस्था हो सके।
15,200 करोड़ रुपये का ही टेंडर आया
वर्ष 2019 में जब टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई तो पहले की तरह 15,200 करोड़ रुपये का ही टेंडर आया, जिससे उन्हें संदेह हुआ तो प्रक्रिया निरस्त कर अलग-अलग चरणों में बिड मंगाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुनः टेंडर होने पर एक्सप्रेस वे 120 मीटर चौड़ाई के साथ 11,800 करोड़ रुपये में स्वीकृत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा ने जेपी और लोहिया के सपनों पर कुठाराघात किया है। जेपी और लोहिया का संकल्प संपत्ति और संतति से दूर रहने का था, लेकिन सपा ने इसके विपरीत आचरण किया।
समाजवादी पार्टी का पीडीए माडल पारिवारिक डेवलपमेंट अथारिटी है। मुख्यमंत्री ने फार्मा सेक्टर से जुड़े एक बड़े उद्यमी का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में हुई फार्मा कान्क्लेव में उस उद्यमी की आंखों में आंसू थे। उसने अनुभव बताया कि कैसे उन्हें अपने भतीजे के अपहरण के कारण रातों-रात मेरठ छोड़ना पड़ा था। वह कह रहा था कि हर सांझ के बाद एक सवेरा होता है और आज उत्तर प्रदेश में विकास देखकर उसे वही सवेरा दिखाई देता है। उन्होंने सपा द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण फार्म-7 के नाम सपा के आरोपों को भी गलत ठहराया।
ईवी सेक्टर में यूपी की भागीदारी 19 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने कि हाल ही में लखनऊ में पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना हुई है। आज देश में जितने भी इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदे जा रहे हैं, उनमें 19 प्रतिशत से अधिक हिस्सा यूपी का है। वहीं, तिपहिया वाहनों में 40 फीसदी से अधिक भागीदारी है। सरकार ने एआइ, डिजिटल टेक्नोलाजी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, सेमी कंडक्टर और डाटा साइंस जैसे सेक्टर को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा है।





