कुशीनगर। यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी जिला स्तर के अलावा क्षेत्रीय और प्रदेश स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। स्थापित कंट्रोल रूम में हर परीक्षा केंद्रों की ब्राॅडकास्टिंग होगी। इसके लिए सभी केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित डीवीआर के आईपी कोड आदि कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने होंगे। बोर्ड की ओर इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव की ओर से डीआईओएस को पत्र भेजकर गाइडलाइन के अनुरूप कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए कहा गया है। जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर में बनाए जाएंगे। इस कंट्रोल रूम में हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी की मदद से निगरानी रखी जाएगी। इनकी ब्रॉडकास्टिंग भी की जाएगी। इसके लिए केंद्र प्रभारियों को विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों से संबंधित डीवीआर का स्टैटिक आईपी एड्रेस, यूजर आईडी एवं पासवर्ड कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराना होगा। सभी कोड सील बंद लिफाफा में उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि इनकी गोपनीयता बनी रहे। इसी तरह से क्षेत्रीय कार्यालयों तथा प्रदेश मुख्यालय में भी कंट्रोल रूम होगा और वहां से भी बोर्ड परीक्षा पर निगरानी रखी जाएगी। परिषद के सचिव की ओर से गाइडलाइन के अनुसार पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
10 से 16 केंद्र पर लगेगा एक कंप्यूटर
कंट्रोल रूम के लिए कंप्यूटर उन केंद्रों से उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां परीक्षा नहीं होनी है। गाइडलाइन के अनुसार एक कंप्यूटर से अधिकतम 16 परीक्षा केंद्र जुड़े होंगे। वहीं न्यूनतम केंद्रों की संख्या 10 होगी। इन केंद्रों की निगरानी के लिए हर कंप्यूटर पर दो-दो शिक्षक या कंप्यूटर ऑपरेटरों की तैनाती की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर नकल होने या अन्य तरह की हलचल होती है तो जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से सचल दस्ते को सूचित करने की जिम्मेदारी इन शिक्षकों पर होगी।
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