उत्तर प्रदेश में एक सरकारी अधिकारी को AI से ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने अधिकारी की भ्रामक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आईटी एक्ट, धमकी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का दुरुपयोग कर उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के प्रशासनिक अधिकारी का मानसिक उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पीड़ित नृपेंद्र बहादुर सिंह ने गाजीपुर थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इंदिरानगर सेक्टर-14 निवासी नृपेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि 25 जून 2024 से 22 अगस्त 2025 तक गाजियाबाद में संपत्ति प्रबंधक कार्यालय में संपत्ति प्रबंधक अधिकारी के पद पर तैनात थे।
आरोप है कि पीड़ित की वास्तविक तस्वीरों और सामग्री से छेड़छाड़ की गई और उन्हें भ्रामक रूप में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया।
भ्रामक तस्वीरों और कंटेंट को असल और प्रमाणिक बताकर व्हाट्सएप ग्रुप पर 11 दिसंबर को अपलोड किया गया। तोड़-मरोड़ कर गलत जानकारी को सार्वजनिक किया गया।
मामले में राजवीर सिंह और दीपक चौधरी को आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आईटी एक्ट, धमकी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





