भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला बंगाल दौरा आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। उनका दो दिवसीय कार्यक्रम कोलकाता के बजाय दुर्गापुर और आसनसोल पर केंद्रित रहेगा। इस दौरे का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और राढ़ बंगाल क्षेत्र पर विशेष ध्यान देना है। भाजपा 2019 की सफलता के बाद 2021 और 2024 में मिली चुनौतियों के बाद इस क्षेत्र में अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है।
आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पहला बंगाल दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि उनके दो दिवसीय राज्य दौरे में राजधानी कोलकाता पूरी तरह बाहर है।
नितिन मंगलवार को अंडाल हवाईअड्डे पर उतरेंगे और उनका पूरा कार्यक्रम दुर्गापुर व आसनसोल केंद्रित रहेगा। अंडाल से ही वे लौट भी जाएंगे। भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।
सवाल यह उठ रहा है कि पहली ही यात्रा के लिए कोलकाता को छोड़कर पश्चिम बर्द्धमान को क्यों चुना गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की रणनीति इस बार राढ़ बंगाल क्षेत्र पर खास फोकस करने की है, जिसमें पूर्व और पश्चिम बर्द्धमान, बांकुड़ा, पुरुलिया और बीरभूम शामिल हैं। इस क्षेत्र का केंद्र बिंदु दुर्गापुर है, जहां ननबंगाली मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है।
2019 भाजपा को मिली थी सफलता
भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में राढ़ बंगाल में उल्लेखनीय सफलता मिली थी, लेकिन 2021 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में उसे झटका लगा। पार्टी अब उस खोई जमीन को वापस पाने की कोशिश में जुटी है। दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में अब भी भाजपा का संगठनात्मक आधार मजबूत माना जाता है।
कार्यक्रम के अनुसार, नितिन नवीन मंगलवार शाम दुर्गापुर में पार्टी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और संगठनात्मक बैठक करेंगे। बुधवार को वे दुर्गापुर और आसनसोल में बैठकें कर अंडाल से ही वापस लौटेंगे। यह दौरा साफ संकेत देता है कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले रणनीतिक इलाकों पर सीधा फोकस कर रही है।





