Wednesday, February 11, 2026
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सीएम आवास घेरने पहुंचे बीजेपी नेता, जाखड़ सहित कई नेता हिरासत में, गैंगस्टरवाद व विडियो विवाद की जांच की रखी मांग

चंडीगढ़ में भाजपा नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास पर कानून व्यवस्था और वायरल वीडियो की जांच न होने के विरोध में प्रदर्शन किया। सुनील जाखड़, अश्वनी शर्मा और रवनीत सिंह बिट्टू के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान नेताओं को हिरासत में लिया गया। भाजपा ने राज्य में बढ़ती हत्याओं और गैंगस्टरवाद पर चिंता जताई, साथ ही वीडियो की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच की मांग की।

चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आवास पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था, बढ़ते गैंगस्टरवाद और वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच न होने के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सुरक्षा कर्मियों द्वारा अंदर प्रवेश की अनुमति न मिलने पर नेताओं ने आवास के बाहर ही जमीन पर बैठकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ सहित पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू कर रहे थे। नेताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब में रोजाना हत्याएं और फायरिंग की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार कानून व्यवस्था सुधारने में नाकाम रही है।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री को आम लोगों की पीड़ा से अवगत कराना था। उन्होंने कहा कि “हम दर्द सुनाने आए हैं, अगर सीएम नहीं सुनेंगे तो 2027 में जनता जवाब देगी।” उनके अनुसार, चार वर्षों में न मेडिकल कॉलेज बने, न भर्ती हुईं और धूरी में रेल पुल भी अधूरा पड़ा है।

बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि सीएम आवास की बैरिकेडिंग हटाने के आग्रह के बावजूद उन्हें धक्कामुक्की का सामना करना पड़ा। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नेताओं को रोककर हिरासत में ले लिया। नेताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “पंजाब को रोज गोलियां नहीं, सुरक्षा चाहिए” जैसे नारे लगाए।

जाखड़ ने पारदर्शी जांच की मांग रखी

सुनील जाखड़ ने डीजीपी को पत्र लिखकर वीडियो की स्वतंत्र और पारदर्शी फॉरेंसिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि वीडियो सही पाया गया तो यह संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अनुचित आचरण होगा। वहीं यदि वीडियो फर्जी साबित होता है तो इसे फैलाने वालों पर कार्रवाई जरूरी है।

बीजेपी का कहना है कि सरकार ने एक ही दिन में जांच पूरी कर क्लीन चिट दी, जो संदेह पैदा करता है। पार्टी ने तीनों वायरल वीडियोज की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।

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