मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की सियासी जंग के बीच भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा है।
बंगाल की हाई-प्रोफाइल सीटों पर जारी घमासान को लेकर शिकायतें अब चुनाव आयोग तक जा पहुंची हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की सियासी जंग के बीच भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा है।
तृणमूल की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराकर कहा है कि बीते 22 मार्च को सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम (बायल-2 पंचायत) में भाजपा की एक रैली निकाली गई थी।
रैली के दौरान तृणमूल प्रत्याशी पवित्र कर के घर के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘चोर’ के नारे लगाए। यह न केवल उनके प्रत्याशी को डराने-धमकाने की कोशिश है, बल्कि अभद्र भाषा का प्रयोग कर चुनाव के माहौल को खराब करने का प्रयास भी है।
पार्टी ने साक्ष्य के तौर पर घटना का वीडियो भी आयोग को सौंपा है। दूसरी ओर भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने आयोग को बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद कोई भी उम्मीदवार अपने सरकारी पद का उल्लेख कर प्रचार नहीं कर सकता।
भाजपा का दावा है कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कालीघाट मंदिर स्काईवाक और श्यामाप्रसाद मुखर्जी रोड सहित कोलकाता के विभिन्न स्थानों पर अब भी ऐसे हो¨डर्ग्स लगे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री का नाम और तस्वीर मौजूद है।
भाजपा ने शिकायत के साथ इन होर्डिंग्स की तस्वीरें भी संलग्न की हैं। गौरतलब है कि नंदीग्राम और भवानीपुर जैसी सीटों पर कड़ा मुकाबला है, जहां नियमों को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं।





