शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा के खुनुवा बॉर्डर पर निगरानी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमवार को नेपाल के कपिलवस्तु जिले में ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 136 भारतीय मालवाहक वाहनों का चालान किया, जिससे भारतीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, तौलिहवा ट्रैफिक कार्यालय ने 78 और कृष्णनगर ट्रैफिक कार्यालय ने 58 वाहनों को ओवरलोड पाए जाने पर कार्रवाई की। इन वाहनों से 500 से 2000 रुपये तक का जुर्माना वसूला गया। नेपाल पुलिस की इस सख्ती की जहां सराहना हो रही है, वहीं यह बड़ा सवाल भी उठ रहा है कि जब ये वाहन पहले से ही ओवरलोड थे, तो भारतीय सीमा पर इन्हें जांच कर रोका क्यों नहीं गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा पार करने वाले भारी मालवाहक और फल-सब्जी से लदे वाहन बिना प्रभावी जांच के ही नेपाल में प्रवेश कर जाते हैं। यह न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सीमा पर तीन-तीन सुरक्षा एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है। इससे कहीं न कहीं संबंधित विभागों की उदासीनता या मिलीभगत की आशंका भी बल पकड़ रही है। अब जरूरत इस बात की है कि भारतीय प्रशासन भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सीमा पर कड़ी निगरानी और सख्त जांच व्यवस्था लागू करे। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है, जिससे जनसुरक्षा और व्यवस्था दोनों प्रभावित होंगी।





