
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश सरकार के नौ गौरवमयी वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय “ओडीओपी – वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” रहा, जिसका आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-4 द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत एनएसएस की समन्वयक डॉ. नलिनी मिश्र के मार्गदर्शन में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशीष शाही ने की। मुख्य वक्ता के रूप में वाणिज्य एवं प्रबंध संकाय के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद हैदर अली ने भाग लिया और लगभग 100 स्वयंसेवकों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में प्रोफेसर अली ने जनवरी 2018 में शुरू की गई ओडीओपी योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि इस पहल से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष शाही ने किया। इस दौरान यह भी बताया गया कि विधि (लॉ) विषय किस प्रकार ओडीओपी योजना को संरचित और सुदृढ़ करता है।
कार्यशाला में स्वयंसेवकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और ओडीओपी योजना के महत्व को समझा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक—डॉ. मनीष कुमार, डॉ. अभय कृष्ण, डॉ. कृष्ण मुकुंद, डॉ. अंशुल पांडे और डॉ. तान्या सागर—की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान और समूह छायाचित्र के साथ हुआ।





