बैंक ऑफ अमेरिका एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट को सुविधा देने के आरोप में एक सिविल मुकदमे को निपटाने के लिए $72.5 मिलियन (लगभग 700 करोड़ रुपये) का भुगतान करेगा। बैंक पर पीड़ितों के वकीलों ने “रेड फ्लैग्स” को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था।
शुक्रवार को सामने आए अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, बैंक ऑफ अमेरिका महिलाओं द्वारा दायर एक सिविल मुकदमे को निपटाने के लिए $72.5 मिलियन का भुगतान करने पर सहमति जताई है। यह रकम भारतीय रुपयों में करीब 700 करोड़ रुपये होगी। बैंक पर एपस्टीन द्वारा संचालित एक सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट को सुविधा प्रदान करने का आरोप है।
बैंक और महिलाओं के वकीलों ने इस महीने मैनहैटन स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेड राकॉफ को बताया था कि वे “सैद्धांतिक रूप से एक समझौते” पर पहुच गए हैं, लेकिन उस समय इस सौदे की शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई थीं। अब इस समझौते को अदालत से मंजूरी मिलने की देरी है। अगर अदालत से यह समझौता मंजूर हो जाता है तो बैंक लंबी चलने वाली सुनवाई की प्रक्रिया से बच जाएगा।
बैंक पर लगे हैं ये आरोप
एक अज्ञात महिला ने अपनी और अन्य कथित पीड़ितों की ओर से यह मुकदमा दायर किया है। इस मुकदमे में दावा किया गया है कि बैंक के अधिकारियों ने एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग के धंधे से जुड़ी “खतरे की चेतावनियों” (red flags) को नजरअंदाज कर दिया, ताकि उसे बैंकिंग और निवेश सेवाएं मुहैया कराई जा सकें। अब इसी केस को सेटल करने के लिए बैंक एक मोटी रकम देने पर सहमत हो गया है।
बैंक ऑफ अमेरिका के एक प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “हालांकि हम इस मामले में दायर कागजातों में दिए गए अपने पिछले बयानों पर कायम हैं। इसमें यह बात भी शामिल है कि बैंक ऑफ अमेरिका ने सेक्स ट्रैफिकिंग के अपराधों में कोई मदद नहीं की। फिर भी यह समझौता हमें इस मामले को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का मौका देता है, और वादियों को भी इस मामले को पूरी तरह से खत्म करने में मदद करता है।”
अदालत में दायर एक संयुक्त दस्तावेज में, वादियों के वकील डेविड बोइस और ब्रैडली एडवर्ड्स ने कहा कि यह समझौता उनके मुवक्किलों के लिए सबसे अच्छा विकल्प था, क्योंकि क्लास के कई सदस्यों को कई साल पहले नुकसान उठाना पड़ा था और अब उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है।”
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, वादियों के वकील कानूनी फीस के तौर पर समझौते की रकम का 30% तक यानी लगभग 21.8 मिलियन डॉलर मांग सकते हैं।
पहले भी हो चुके हैं इस तरह के समझौते
यह एपस्टीन के कथित पीड़ितों के मुकदमों को निपटाने वाला पहला बैंक नहीं है। इससे पहले कई बैंक इस तरह के मुकदमे से बाहर आने के लिए समझौता कर चुके है। 2023 में JP Morgan ने $75 मिलियन का समझौता किया था और Deutsche Bank ने कथित तौर पर $75 मिलियन का भुगतान किया था।
एपस्टीन, जो एक अरबपति हेज फंड मैनेजर था। उसके शक्तिशाली और मशहूर दोस्त थे। वह जुलाई 2019 में गिरफ्तार हुआ थ। उसके ऊपर नाबालिगों की सेक्स-ट्रैफिकिंग का आरोप था। उसे 2008 में ही 14 साल तक की कम उम्र की लड़कियों से सेक्स की मांग करने के मामले में दोषी ठहराया जा चुका था। अगस्त 2019 में, मैनहैटन के मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर में हिरासत में रहते हुए एपस्टीन ने आत्महत्या कर ली थी।





