Thursday, February 5, 2026
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स्मार्टफोन और टीवी ने सुस्त कर दिया है बच्चे का दिमाग? इन 4 मजेदार तरीकों से बढ़ाएं उसकी ब्रेन पावर

आज के डिजिटल युग में हर पेरेंट्स चाहते हैं कि उसका बच्चा पढ़ाई में इंटेलिजेंट और स्मार्ट हो। ऐसे में बच्चे के सही विकास के लिए डेली रूटीन में खेल-कूद भी बहुत जरूरी होता है। आज हम ऐसे ही कुछ एक्टिविटीज के बारे में बात करेंगे, जो आपके बच्चे के दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद हैं। आइए जानें इसके बारे में।

स्मार्टफोन, टीवी और वीडियो गेम्स के कारण बच्चे का दिमाग काफी जल्दी प्रभावित होता है। इसकी वजह से उसके सोचने-समझने की क्षमता कभी-कभी कमजोर भी पड़ने लगती है। ऐसे में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सही एक्टिविटी भी बच्चे के दिमाग को तेज और शार्प बना सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे आसान और मजेदार एक्टिविटीज के बारे में, जिन्हें आप बच्चे की आदतों में शामिल करके उसका दिमाग को तेज और शार्प बना सकते हैं।

1. पहेलियां और माइंड गेम्स

अगर आप अपने बच्चे का दिमाग तेज करना चाहते हैं, तो पहेलियां, सुडोकू, मेमोरी गेम्स और वर्ड सर्च जैसे गेम्स की मदद ले सकते हैं। ये सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं हैं, बल्कि बच्चे की सोचने और समस्या हल करने की कैपेबिलिटी को भी बढ़ाते हैं। रोजाना 15-20 मिनट ऐसे खेल खेलने से बच्चे का फॉक्स और मजबूत होता है। माता-पिता भी बच्चे के साथ इन खेलों में हिस्सा लेकर उसकी सोचने की क्षमता को और बेहतर बना सकते हैं।

2. फिजिकल एक्टिविटीज

बच्चे का दिमाग और शरीर एक-दूसरे से जुड़ा होता है। ऐसे में सिर्फ बच्चे की पढ़ाई पर जोर देना सही नहीं माना जाता है। दौड़ना, कूदना, साइकिल चलाना या टीम गेम्स जैसे फिजिकल एक्टिविटी से बच्चे का फोकस बढ़ता है, स्ट्रेस कम होता है और उनका दिमाग ज्यादा तेजी से काम करता है। रोजाना कम से कम 30 मिनट का गेम बच्चे के दिमाग और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

3. कहानियां सुनना

बच्चे की दिमाग को शार्प बनाने के लिए कहानियां बेस्ट ऑप्शन है। अगर आप बच्चे को रोज स्टोरीज सुनाते हैं, तो इससे उसका दिमाग एक्टिव रहता है और क्रिएटिव बनता है। उसे नई कहानियां सुनाना और फिर उसके आधार पर खुद कहानी बनवाना उसकी इमेजिनेशन पावर को बढ़ाता है। इससे बच्चों की लैंग्वेज, वोकैबलरी और इमोशन्स को समझने की कैपेबिलिटी भी बेहतर होती है।

4. क्रिएटिविटी करवाएं

आप अपने बच्चे के साथ ड्राइंग, पेंटिंग या क्ले मॉडलिंग जैसी एक्टिविटी भी कर सकते हैं। ऐसा करने से बच्चे के दिमाग में क्रिएटिविटी आती है। जब बच्चे कलर्स और शेप्स के साथ खेलता है, तो उसका दिमाग नए आइडियाज और समाधान ढूंढना सीखता है। रोजाना थोड़ी देर के लिए आर्ट और क्रिएटिविटी की एक्टिविटीज करने से बच्चे का कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।

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