मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा साथ ही चेतावनी दी कि मांगों का निराकरण न किया गया तो आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा व आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्स एसोसिएशन शांत नहीं बैठेगा
महोबा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं ने लंबित एवं न्यायोजित मांगों को लेकर गुरूवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। बाद में अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों का निराकरण न किया गया तो आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा व आंगनबाड़ी वर्कर्स हेल्पर्स एसोसिएशन महोबा शांत नहीं बैठेगा।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां औ सहायिकाएं कई दशकों से महिला एवं बाल विकास की आधारशिला के रुप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मृत शिक्षु देखभाल सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कर रही हैं, बावजूद इसके आज भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश में सेवानिवृत्त की आयु 65 वर्ष की जाए और कोरोना काल से अब सेवानिवृत्त सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेंशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पूर्ण कालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता एवं मेडिकल आवकाश सहित सभी वैधानिक दिए जाने की मांग की गई साथ ही आंगनबाड़ी से मुख्य सेविका पद पर एवं सहायिका से आंगनबाड़ी से कार्यकत्रि पद पर योग्यता एवं वरिष्ठा के आधारपर नियमित व समयवद्ध पदोन्नति शासना देश के अनुसार किए जाने की मांग की गई है। धरना देने वालों में आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की जिलाध्यक्ष आसमीन खातून, चंद्रप्रभा, दीप्ति, फूलवती राजपूत, मंजू चौरसिया सहित तमाम आंगनबाड़ी शामिल रही।





