बच्चों की सुरक्षा व बाल श्रम के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक टीम का किया गया गठन,दुकान मालिको के खिलाफ की गई विधिक कार्रवाई
महोबा। मिशन शक्ति अभियान के तहत बच्चों की सुरक्षा व बाल श्रम कराए जाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक प्रवण प्रताप सिंह के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया। टीम ने दुकानों, वर्कशाप, गैरेज व अन्य प्रतिष्ठानों पर अभियान के तहत चेकिंग अभियान चलाया, जहां पर तीन बच्चे बालश्रम करते पाए गए। टीम ने बच्चों को उनके परिजनों कं सुपुर्द करते हुए दुकान मालिको के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत टीम ने आमजन को बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति आदि न कराए जाने के प्रति जागरूक भी किया।
निदेशालय महिला कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में चलाए जा रहे मिशन शक्ति-5 के तहत पुलिस अधीक्षक के निर्देश व अपर पुलिस अधीक्षक (नोडल अधिकारी) वंदना सिंह के निर्देशन पर महिला एवं बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, स्वालम्बंन और संकट की स्थिति में महिलाओं, बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए औचक ड्राइव बाल विवाह रक्षा अभियान के लिए थाना एचडी केउपनिरीक्षक फूलचन्द्र मिश्रा, महिला कांस्टेबल कविता देवी, श्रम पर्वतन अधिकारी महंत प्रजापति, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संगीता राजपूत, कोऑर्डिनेटर चाइल्ड लाइन दीपक कुमार, बाल कल्याण समिति की मधुबाला चौरसिया की संयुक्त टीम के साथ संघन अभियान चलाया गया।
अभियान दौरान तीन नाबालिक बालक बालश्रम करते पाए गए, जिन्हें तो संयुक्त टीमन ने बच्चों को रेस्क्यू कर उनके परिजनों को सुपुर्द कराया गया श्रम पर्वतन अधिकारी ने बताया कि बालश्रम करने वाले वर्कशॉप, दुकान के मालिक के खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लायी गयी है। संयुक्त टीम ने दुकानों, वर्कशाप, होटलों, ढाबों व गैरेजों आदि के मालिकों कों कड़ी हिदायत दी गयी कि किसी भी 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिक बालक, बालिका से काम न कराये और न ही काम पर रखें । इस मौके पर चेकिंग टीम ने मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति न कराने सम्बन्धी आवश्यक निर्देशों से आम जनमानस को जागरूक किया और इमरजेंसी सहायता के लिए शासन की जारी टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बरों की भी जानकारी दी।





