Wednesday, February 18, 2026
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उमराव जान ड्रामे में दिखी हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल

उमराव जान ड्रामे को देखकर दर्शक हुए भाव विभोर

मुख्य अतिथि के रूप में फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के सचिव शौकत अली तथा विशिष्ठ अतिथि बज्मी यूनुस,एस पी सिंह,अब्दुल वहीद,मुर्तुजा अली,सलाउद्दीन शीबू रहे मौजूद

लखनऊ।फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी एवं उत्तर प्रदेश है आर्टिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में उमराव जान ड्रामें का शानदार मंचन किया गया।इस ड्रामे ने लोगो का मन मोह लिया।इस ड्रामे के लेखक एस एन लाल थे तथा निर्देशन युसूफ खान एवं वामिक खान द्वारा किया गया।ड्रामे से पहले मुख्य अतिथि फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के सचिव शौकत अली तथा विशिष्ठ अतिथि बज्मी यूनुस, एस पी सिंह,अब्दुल वहीद,मुर्तुजा अली,सलाउद्दीन शीबू,फरजाना खान, शिखा सिंह ने समाज के विभिन्न लोगों को सम्मानित किया। जिसमें प्रमुख रूप से श्री गौतम राणे, डॉक्टर मसुदुद्दीन,डॉ रूचि खरे, डॉक्टर मंजुला पंत,डॉ मीरा दीक्षित, श्री पी के वाजपेई ,श्री राहुल यादव , श्री एडवन मेसी,डॉ संगीता चौबे तथा बिलाल सहारनपुरी को शाल एवं सर्टिफिकेट देकर के सम्मानित किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि शौकत अली ने कहा कि इस प्रकार के ड्रामे निरंतर होते रहना चाहिए इससे समाज को बहुत ही अच्छा संदेश मिलता है।उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री वामिक खान ने बताया कि हमारी संस्था निरंतर कला के माध्यम से प्रदेश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को प्रचारित एवं प्रसारित करती रहती है तथा हमारी संस्था उत्तर प्रदेश के कलाकारों को बड़ा मंच देने के लिए प्रयासरत है।

उमराव जान ड्रामे की कहानी में हिंदू मुस्लिम भाई चारे को भी उजागर किया गया है।उमराव जान के घर गाना सुनने और देखने के लिए सभी धर्म के लोग आते थे बाहर वह लोग अपने धर्म के लोगों को लड़वाते थे। परंतु उमराव जान के पास आकर के एक हो जाते थे।तब उमराव जान उनको डांटती है कि तुम लोग मंदिर मस्जिद के नाम पर लड़वाते हो परंतु यहां पर आकर के एक हो जाते हो।
यह ड्रामा संदेश देता है की तालीम सबके लिए है और मजहब के नाम पर लड़ना नहीं चाहिए सभी मजहब मोहब्बत का पैगाम देते हैं।

उमराव जान का किरदार निभाने वाली प्रभाती पांडे बताती हैं कि इस प्रकार के आयोजन से हम लोगों को एकता और भाई चारे का संदेश मिलता है।

कार्यक्रम में संवादायगी के साथ-साथ कत्थक नृत्य का भी बहुत बड़ा योगदान रहा जिसमें हिमांशु शुक्ला, दिव्यांशी मिश्रा,रिचा तिवारी , रतन ओझा प्रगति लाल एवं जय श्रीवास्तव प्रमुख है।
ड्रामा के अन्य कलाकारों में तनिष्क शर्मा अर्पित मिश्रा अरशद खान , अरुणl पांडे दीप संचार, हफीज खान, अनिमेष श्रीवास्तव, इदरीस मोहन ,शान फरीदी, सुफियान बैग , रेहान खान शाहबाज तालिब , अभिषेक तिवारी प्रमुख है।

फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों का अनुसरण करते हुए उर्दू भाषा के विकास के लिए लगातार ड्रामा सेमिनारों व अन्य का आयोजन करती रहती है l

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