कुए में मिला शव, मृतक के परिजनों ने एसआईआर कार्य के बोझ के कारण आत्महत्या की जताई आशंका
महोबा। मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फार्म भरवाने में जुटे एक शिक्षामित्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। शिक्षामित्र का शव एक कुए में पाया गया। मृतक के परिजनों ने एसआईआर कार्य के बोझ के कारण आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि प्रशासन ने इससे इंकार करते हुए बताया कि शिक्षामित्र सिर्फ बीएलओ के सहयोग के लिए लगाए गए थे और उन पर किसी भी तरह का दबाव नहीं था, बल्कि बूथ संख्या 31 पूर्व माध्यमिक विद्यालय पवा की टीम का बेहतर कार्य चल रहा है, 73 फीसदी से ज्यादा वहां का कार्य हो चुका है।
डीएम ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की महत्वता और समय से कार्य पूर्ण करने के उद्देश्य से बूथ संख्या 31 पूर्व माध्यमिक विद्यालय पवा में बीएलओ के अलावा अन्य फील्ड स्टाफ रोजगार सेवक, पंचायत सहायक, सचिव आंगनवाड़ी कार्यकत्री, आशा बहन, शिक्षमित्र, कोटेदार और लेखपालों को सहयोग के लिए निर्देशित किया गया था। शंकरलाल पवा के विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत् थे जो विशेष गहन पुनरीक्षण में प्रत्यक्ष रुप से कोई कार्य नहीं कर रहे थे, उन्हें सिर्फ सहयोग के लिए लगाया गया था। वहां पर बीएलओ ब्रजेंद्र सिंह थे और शंकरलाल राजपूत फील्ड टीम का हिस्सा थे।
जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने बताया कि बीएलओ ब्रजेंद्र सिंह ने 1344 मतदाताओं के सापेक्ष 909 फार्मों का डिजीटाइजेशन और 75 मतदाताओं को अनकलेक्टेबल डिजीटाइजेशन किया, इस तरह 984 मतदाताओं का डिजीटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पवा के प्राथमिक विद्यालय में शंकरलाल शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे, जिन्हें बीएलओ के सहयोग के लिए लगाया गया था, इसलिए शिक्षामित्र पर कोई दबाव नहीं था, क्योंकि वह प्रत्यक्ष रुप से बीएलओ का कार्य नहीं कर रहे थे। उन्हें लोगों को कैसे फार्म भरना है, इसके लिए लगाया गया था। पवा गांव में किसी पर भी कोई कार्रवाई की सूचना भी नहीं मिली है, जिससे कि पता चले वहां की बीएलओ टीम दबाव में काम कर रही थी। डीएम ने बताया कि शिक्षामित्र का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।





