Wednesday, March 18, 2026
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युद्ध के बीच पश्चिम एशिया के लिए आज उड़ेंगी 50 विशेष उड़ानें, एअर इंडिया-एआइ एक्सप्रेस ने यात्रियों को दी खुशखबरी

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उड़ान संचालन की बढ़ती मांग को देखते हुए एअर इंडिया ने 19 से 28 मार्च के बीच यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए पांच रूटों पर 36 अतिरिक्त उड़ानों का संचालन करने की भी घोषणा की है। शेड्यूल्ड उड़ानें पूर्व-निर्धारित समय और मार्ग पर चलने वाली नियमित कमर्शियल सेवाएं हैं।

एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस बुधवार को पश्चिम एशिया के लिए 50 संचालित करेंगी। इनमें 26 शेड्यूल्ड और 24 नान शेड्यूल्ड उड़ानें शामिल होंगी।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण उड़ान संचालन की बढ़ती मांग को देखते हुए एअर इंडिया ने 19 से 28 मार्च के बीच यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए पांच रूटों पर 36 अतिरिक्त उड़ानों का संचालन करने की भी घोषणा की है।

शेड्यूल्ड उड़ानें पूर्व-निर्धारित समय और मार्ग पर चलने वाली नियमित कमर्शियल सेवाएं हैं, वहीं, नॉन-शेड्यूल्ड उड़ानें चार्टर या प्राइवेट फ्लाइट्स होती हैं जो मांग के आधार पर चलती हैं।

एयर इंडिया ने मंगलवार को बयान में कहा कि वह दिल्ली-लंदन (हीथ्रो), मुंबई-लंदन (हीथ्रो), दिल्ली-फ्रैंकफर्ट, दिल्ली-ज्यूरिख और दिल्ली-टोरंटो मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। इन उड़ानों से पांच मार्गों पर 10,012 सीटें बढ़ेंगी।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच के पश्चिम एशिया संघर्ष ने उड़ान संचालन को बाधित कर दिया है। एअर इंडिया द्वारा अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने से यात्रा के सीमित विकल्पों के बीच यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे।

शैनन से फंसे यात्रियों को वापस लाने के लिए विशेष उड़ान संचालित करेगी एअर इंडिया

एअर इंडिया ने बुधवार को आयरलैंड के शहर शैनन के लिए विशेष उड़ान संचालित करने की योजना बनाई है ताकि वहां फंसे यात्रियों को दिल्ली लाया जा सके। न्यूयार्क से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान ए350 को सोमवार को तकनीकी खराबी के कारण शैनन की ओर मोड़ दिया गया था।

बाद में विमान को आयरलैंड के उस शहर में ही रोक दिया गया। अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि एअर इंडिया बुधवार को विशेष उड़ान संचालित करने की योजना बना रही है जो संभवत: ज्यूरिख से होगी ताकि शैनन में फंसे यात्रियों को दिल्ली लाया जा सके।

संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में उड़ानों की योजना से पहले जोखिम का आकलन करें : पायलट संगठन

पायलटों के संगठन ने मंगलवार को अपने सदस्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि एयरलाइन कंपनियां संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में या उसके आसपास उड़ान की योजना बनाने से पहले ”उचित परिचालन जोखिम मूल्यांकन” करें।

द एयर लाइन पायलट्स एसोसिएशन (एएलपीए) इंडिया ने भारतीय लाइसेंस वाले सभी पायलटों को सलाह में कहा कि ध्यान रखें कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम का माहौल बिना किसी उचित चेतावनी के तेजी से बदल सकता है।

बीमा प्रदाता उच्च जोखिम वाले हवाई क्षेत्रों में संचालित गतिविधियों के लिए कवरेज को वापस ले सकते हैं या सीमित कर सकते हैं। एएलपीए इंडिया अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन (आइएफएएलपीए) का एक सहयोगी है।

पश्चिम एशिया में उड़ान भरते समय सतर्कता बरतें

आइएफएएलपीए दुनियाभर में 90 सदस्य संघों से 1 लाख से अधिक पायलटों का प्रतिनिधित्व करता है। एएलपीए इंडिया ने सभी पायलटों को सलाह दी है कि वे पश्चिम एशिया में उड़ान भरते समय सतर्कता बरतें और सभी परिचालन ब्रीफिंग, नोटम (नोटिस टू एयरमेन) और उड़ान से पहले कंपनी की सलाहों की सावधानीपूर्वक समीक्षा करें।

पायलटों से पेशेवर विवेक का प्रयोग करने और जहां भी आवश्यक हो, स्थापित रिपोर्टिंग चैनलों के माध्यम से ”सुरक्षा संबंधी ¨चताओं” को उठाने और बीमा कवरेज और युद्ध-जोखिम सुरक्षा के संबंध में अपनी कंपनियों से स्पष्टता प्राप्त करने के लिए भी कहा गया है।

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