आयतुल्लाह खामेनेई की शहादत के विरोध मे भारत के मुसलमान सादगी से मनायेगे ईद
बाराबंकी। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई की शहादत की खबर से हिंदुस्तान ही नही पूरी दुनिया भर मे गंम का माहौल देखने को मिला। जगह जगह आयतुल्लाह खामेनेई साहब की हत्या के विरोध मे शिया सुन्नी कैडील मार्च निकाला जा रहा है। वही मुस्लिम समुदाए ने इस बार ईद नही मनाने का फैसला किया गया है। जनपद बाराबंकी के दरियाबाद निवासी सामाजिक कार्यकर्त्ता सोशल एक्टिविस्ट अशीर किदवई ने कहा अयातुल्लाह सय्यद अली खमेनेई साहब की शहादत पर हम अपने घर पर ईद नहीं मानने का फैसला किया है और आवाम से यह गुजारिश की है की कोई भी ऐसा प्रोग्राम ना करें जिससे यह एहसास हो कि हम सभी आपके ग़म में शामिल हैं श्री किदवई ने आज उत्तर प्रदेश के समस्त मुसलमान भाइयों से अपील की है कि इस बार ना ही ईद के कपड़े नए बने और ना ही ईद की सेवाइयों का घर में किसी की आने पर उनके आगे परोसी जाए इस रजो ग़म से ईरान के हमारे मरहूम को सच्ची खिराजे आकीकत होगी।
उन्होंने कहा अमरीका की दादागिरी ज्यादा दिन तक चलने वाली नही है, अमरीका और इजराइल द्वारा ईरान के सुप्रीप लीडर हजरत आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई को निशाना बनाकर हत्या करना और एक स्कूल पर हमला करके160 से ज्यादा मासूम बच्चियों को मारना ना सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय कानून की अवहेलना करना दुनिया मे शांति के लिए खतरा है। श्री किदवई ने ये बताया की अमरीका इज़राइल ने फिलिस्तीन के गाजा मे बम बरसा कर हजारों की सख्या मे बे कुसूर मासूम बच्चो का क़त्ले आम किया है और मुस्लिम देश सऊदी अरब, यूएई, क़तर, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, सीरिया समेत कई देश अमरीका और इजराइल द्वारा किये जा रहे कत्लेआम का तमाशा देखते रहे और उनके खिलाफ आवाज तक नही बुलंद किया, ईरान आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई साहब ने जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद किया और अमरीका इज़राइल को सबक सिखाया था। ईरान ही एक ऐसा देश है जो सर कटवाना मंजूर है पर ज़ालिम के आगे सर नही झुकाना, आज ईरान अकेला ही अमरीका इज़राइल से जंग के मैदान मे लड़ रहा है।
अशीर किदवई ने खुलेआम ऐलान कर दिया है की इस बार ईद नही मनाएंगे और इंसाफ पसंद लोगो से भी अपील की है की ईद ना मनाये अगर मानना ही है तो सादगी के साथ मनाये। वही समाजसेवी राशिद अजीज ने भी ईद नही मनाने का फैसला लेते हुवे कहा की आयतुल्लाह सय्यद अली खामेनेई को शहीद करके अमरीका इज़राइल ने बहुत बड़ी भूल कर दी है। उन्होंने कहा की अमरीका और इज़राइल की दादागिरी चरम सीमा पर पहुंच गई है जिसे खत्म करना जरुरी है, वेनुजेला का हवाला देते हुवे कहा की अमरीका जिस तरह वेनुजेला मे घुसकर वहाँ के राष्टपति और उनकी पत्नी का अग़वा कर लिया था, इसी तरह ईरान पर भी कब्ज़ा करने की सोच रहा था लेकिन अमरीका ये भूल गया था की ईरान वेनुजेला नही है ईरान एक लड़ाका देश है वहाँ की आवाम सर काटा देगी लेकिन सर नही झुका सकती है। श्री अजीज ने आगे कहा की आज पूरी दुनिया मे अमरीका इज़राइल के जुल्म के खिलाफ आवाजे बुलंद हो रही है जय हिंद





