Sunday, March 22, 2026
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अमेरिका और भारत बनेंगे एक-दूसरे की ताकत

America and India will become each other's strength

अमेरिका (America) में बाइडन प्रशासन भारत (India) के साथ और मजबूत संबंध बनाने का पक्षधर है। वहीं स्थिर हिंद प्रशांत क्षेत्र के लिए दोनों देश एक-दूसरी की ताकत बनेंगे। हाल ही में अमेरिकी प्रशासन (US Administration ) ने अंतरिम राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतिक दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि बाइडन प्रशासन अमेरिका-भारत (America- India) संबंधों को मजबूत करना जारी रखने को उच्च प्राथमिकता देगा।

अमेरिकी सरकार की अंतरिम राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतिक दिशानिर्देश में कहा गया है कि  बाइडेन प्रशासन नियम आधारित और स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन जारी रखने पर काम करेगा। हिंद प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका (America) और भारत (India) मजबूती से एक साथ खड़े रहेंगे। आगे कहा गया कि हम भारत (India) के साथ हमारी साझेदारी को गहरा करेंगे और न्यूजीलैंड (New zealand ) के साथ-साथ सिंगापुर, (Singapore ) वियतनाम (Vietnam ) और अन्य आसियान सदस्य राज्यों के साथ साझा उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। साझा इतिहास (History) और बलिदान के संबंधों को पहचानते हुए, हम प्रशांत द्वीप राज्यों के साथ साझेदारी को मजबूत करेंगे।

बाइडन प्रशासन ने कहा कि भारत (India) को प्रमुख रक्षा उपकरणों की बिक्री देश की सुरक्षा एवं संप्रभुता के लिए अमेरिका (America) की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अमेरिका (America)  द्वारा भारत को रक्षा उपकरणों की बिक्री का दायरा बढ़ाकर अब 20 अरब डॉलर तक कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि इस साल अमेरिका (America) ने भारत के लिए 20 अरब डॉलर तक के रक्षा उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दी है। रक्षा के क्षेत्र में बिक्री का दायरा बढ़ाने की पेशकश भारत (India) की सुरक्षा एवं संप्रभुता के लिए हमारी प्रतिबद्धता है। भारत (India) द्वारा अपने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के आर्थिक एवं सियासी हालात को पूर्ण रूप से सामान्य करने की दिशा में उठाए गए कदमों का अमेरिका (America) ने स्वागत किया।

विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका (America) जम्मू-कश्मीर ( Jammu and Kashmir) में बदलते हालात पर लगातार नजर रख रहा है। कश्मीर के संबंध में अमेरिकी (American)  नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। प्राइस ने कहा कि भारत (India) के लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में आर्थिक और सियासी हालात को पूरी तरह से सामान्य करने के लिए उठाए गए कदमों का हम स्वागत करते हैं।

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