Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया, जिसमें कुल 5 लोगों की जान चली गई। इस दुखद घटना के बाद उनकी संपत्ति का खुलासा हुआ। 2024 विधानसभा चुनावों के अनुसार, अजित पवार की कुल नेटवर्थ लगभग 124 करोड़ रुपये थी, जिसमें चल और अचल संपत्ति, कारें, निवेश और 1 करोड़ से अधिक की LIC पॉलिसी शामिल थी। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के पास भी करोड़ों की संपत्ति है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन (Ajit Pawar Plane Crash) हो गया। 28 जनवरी बुधवार की सुबह बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई। इस क्रैश ने राजनीति जगत ही नहीं पूरे देश को हिला दिया।
इस क्रैश को लेकर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने VT-SSK Learjet 45 के क्रैश की पुष्टि की, जो लैंडिंग के दौरान बारामती एयरपोर्ट पर रनवे 11 के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अजित पवार एक पब्लिक इवेंट में शामिल होने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ।
अजित पवार अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं। आइए जानते हैं कि उनके पोर्टफोलियो में क्या-क्या शामिल है और उनकी नेटवर्थ (Ajit Pawar Net Worth) कितनी थी?
कितनी संपत्ति छोड़ गए अजित पवार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 के विधानसभा चुनावों के दौरान, अजित पवार ने अपनी कुल नेट वर्थ लगभग 124 करोड़ रुपये (Ajit Pawar Plane Crash) बताई थी। उन्होंने 8.22 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल संपत्ति और 37.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति लिस्ट की थी। उनकी निजी संपत्ति में दो कारें, एक टोयोटा कैमरी और एक होंडा CRV, एक ट्रैक्टर, चांदी का सामान, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर और बॉन्ड शामिल थे।
उनकी पत्नी, राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार के पास 14.57 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 58.39 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति थी।
एफिडेविट से यह भी पता चला कि पवार के पास 14.12 लाख रुपये कैश, बैंक खातों में 6.81 करोड़ रुपये, 55 लाख रुपये से ज्यादा का निवेश और 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की LIC पॉलिसी थी। सुनेत्रा पवार के पास इसके अलावा 44 लाख रुपये से ज्यादा की LIC पॉलिसी भी थी।
कौन थे अजित पवार?
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई, 1959 को अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा में हुआ था। वह एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े जो महाराष्ट्र के सार्वजनिक जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ था।
जब अजीत 18 साल के थे, तब उनके पिता अनंतराव पवार का निधन हो गया था। बाद में उन्होंने अपने चाचा शरद पवार की तरह राजनीति में कदम रखा, और 1982 में एक शुगर कोऑपरेटिव के बोर्ड में चुने जाने के साथ अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वह 1991 में MLA बने और तब से बारामती का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
पिछले कुछ सालों में, उन्होंने सिंचाई, जल संसाधन और वित्त जैसे कई अहम पोर्टफोलियो संभाले, और महाराष्ट्र के बजट बनाने और ब्यूरोक्रेटिक फैसले लेने में उनकी अहम भूमिका हो गई।
उन्होंने कई बार उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम किया और इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले राजनेताओं में से एक बन गए।





