अवधनामा संवाददाता
आजमगढ़ । आजमगढ़ के रहने वाले चंद्रजीत यादव की सऊदी अरब में मौत हो गई है। परिजनों का आरोप था कि कंपनी के मालिक ने शव की सुपुर्दगी के लिए चार लाख रुपए की मांग की थे । विदेश में फंसे पिता के शव को लाने के लिए मृतक के बेटे ने कई जगह न्याय की गुहार लगाई थी
जिले के सगड़ी तहसील के पहाड़पुर गांव में अवनीश यादव रहते हैं। उन्होंने बताया कि उसके पिता चंद्रजीत यादव सऊदी अरब की हफर-अल-बातिन में अब्दुल्ला नामक कंपनी मालिक के यहां काम करते थे। अवनीश का कहना है कि 7 अगस्त को कंपनी में काम करते समय उसके पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कंपनी मालिक का कहना था कि चंद्रजीत यादव ने कार्यस्थल पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। शव मालिक के कब्जे में है। मृतक के बेटे अवनीश का कहना है कि घर में कमाई करने वाले मेरे पिता ही थे। ऐसे में हम लोगों के सामने आजीविका का संकट आ गया है। सरकार हमारे पिता के शव को मंगवाए। हम लोगों के पास शव को मंगवाने के लिए चार लाख देने को पैसे नहीं है। ऐसे में जब किसी तरह की मदद नहीं हो सकी तो ज़िलें के कुछ लोगों ने जिनका नाम वसीम अकरम, सुरेन्द्र, इमरान, और लालजीत ने सैयद आबिद हुसैन के बारे में बताया के आबिद हुसैन ऐसे लोगों की मदद करवाते है और आबिद हुसैन से चंद्रजीत यादव के परिवार ने बात कर यह बताया और मदद मांगी आबिद हूँ ने तत्काल भारत सऊदी दूतवास एवं विदेश मंत्रालय से सम्पर्क कर के चंद्रजीत यादव का भारत लाने की मुहीम शुरू की आबिद ने यह भी बताया के इमसे किसी तरह कोई खर्चा नहीं लगेगा उनकी कोशिश रहेगी के चंद्रजीत का पार्थिव शव बिना किसी खर्चे ले आये और आज आबिद हुसैन के लम्बे प्रयासों के बाद चंद्रजीत यादव का पार्थिव शव 8 नवंबर को भारत आगया जिसके लिए आबिद ने भारत सऊदी दूतवास एवं विदेश मंत्रालय का शुक्रिया अदा किया साथ मे चंद्रजीत के परिवार ने दूतवास एवं विदेश मंत्रालय और आबिद हुसैन का शुक्रिया अदा किया





