लखनऊ। कर्बला के शहीदों की याद में शहर के इमामबाड़ों, कर्बलाओं, रौजों और घरों में मजलिसों-मातम और शब्बेदारियों का सिलसिला जारी है। यूनिटी प्लाजा महताबबाग फर्स्ट में मजलिस को मौलाना जैगम अब्बास जैदी ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि अजाए सय्यदु शोहदा एक अजीम इबादत है। यह इबादत सम्पूर्ण वाजिब इबादतों की हिफाजत करे हुए है। उन्होंने कहा कि यह मुमकिन नहीं है कि कोई अजादार फर्श-ए-अजा हुसैन पर आए और फर्श-ए-मुसल्ला-ए-इबादत पर न पहुँचे। उन्होंने कहा कि अजाए सय्यदु शोहदा हमें बताती है कि हमें वाजिबात किस तरह अंजाम देना हैं।
मौलाना ने इमाम हुसैन की बहन हजरत जैनब के मासूम बच्चों हजरत औन व हजरत मोहम्मद की दर्दनाक शहादतों को बयान किया तो अजादार रोने लगे। मजलिस से पूर्व नूरैन रिजवी, मुजफ्फर काजिम, अब्बास रजा और मास्टर मुर्तुजा ने पेशख़्वानी की। मजलिस बाद नूरैन रिजवी ने नौहा पढ़ा ‘तीरों के मुस्लल्ले पर वह सज्दा ए शुकराना,शब्बीर ने सिखलाया इस्लाम पर मर जाना’ सुनकर अजादारों की आंखे नम हो गईं। आयोजक अली अजफर जैदी, अली अहमर जैदी व अली अरशद जैदी ने मजलिस में आये सभी अजादारों का शुक्रिया अदा किया। जिन्नातों वाली मस्जिद सरफराजगंज में मजलिस को मौलाना सिब्ते हैदर ने खिताब किया।
मजलिस का आरंभ सज्जाद रजा रिजवी ने तिलावते कलामे पाक से किया। और पेशख़्वानी नायाब वहीद रिजवी, साबिर रजा और अख्तर कानपुरी ने की। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन सब के है उनका ग़म हर मजहब के लोग मनाते है। मौलाना ने जब कर्बला वालों पर हुए जुल्मों को बयान किया तो अजादारों की आंखें अश्कबार हो गईं।अजाखाना अफसर हुसैन मरहूम हसन पुरिया में मौलाना बाकर जैदी ने मजलिस को खिताब किया। मजलिस के बाद अंजुमन गुंचाए मजलूमिया,काजमिया आबिदया और जफरूल इमान सहित अनेक अंजुमनों ने नौहाख्वानी की।
इमामबाड़ा उम्मुल बनीन में मजलिस शुरू
शहीदाने कर्बला के चेहलुम के सिलसिले में इमामबाड़ा उम्मुल बनीन मंसूर नगर में सोमवार से चार दिवासीय मजलिसों का आयोजन हो गया। मजलिस को मौलाना शाहिद रजा ने मजलिस को खिताब किया। अन्यमजलिसों को मोैलाना शाकिर हुसैन , मौलाना सलमान अली और मौलाना अफजाल रिजवी रात 8 बजे खिताब करेंगे।
अंजुमन शब्बीरिया की शब्बेदारी का समापन
लखनऊ। अंजुमने शब्बीरिया की शीशमहल में तीन दिन से चल रही सालाना तरही शब्बेदारी का अलविदाई अलम उठने के बाद समापन हो गया। अजादारों के अलविदाई अलम अपने कंधों पर इमामबाड़ा अज्जु साहब से निकाला और नौहाख्वानी व सीनाजनी करते हुए अलम को शीशमहल में गश्त कराकर अजादारों को जियारत करायी। इसके बाद अलम पत्थर वाली मस्जिद ले जाया गया। जहां लोगों ने जमकर मातम करके इमामे जमाना (अ.स.) को उनके जद का पुरसा दिया। इस मौके पर काफी संख्या में महिलाओं के साथ पुरुष व बच्चे मौजूद थे।
अंजुमन शहीदने कर्बला ने किया अजादारों को सम्मानित
लखनऊ।अंजुमन शहीदने कर्बला ने शब्बेदारी में दिए गए योगदान के लिए लोगों को रौजाए बैतुल हुजन रुस्तम नगर में सम्मानित किया गया। अंजुमन ने इस वर्ष अपनी शब्बेदारी के 50 वर्ष पूरे होने पर 5 दिवसीय शब्बेदारी का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शायरों और उलमा ने शिरकत की। शब्बेदारी में 20 अंजुमनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मुसालेमे में 20 शायरों ने कलाम पढ़े जबकि निज़ामत डॉ नय्यर जलाल पूरी व नय्यर मजीदी ने की। कन्वेनर एजाज़ जैदी और हैदर रजा लखनवी थे अंजुमन के जनरल सेक्रेटरी फिरोज़ अली ने सबका शुक्रिया अदा किया ।





