Wednesday, February 11, 2026
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कांग्रेस शासित कर्नाटक के सर्वे में 85% जनता को EVM पर भरोसा, राहुल गांधी पर BJP का तंज

कर्नाटक में ईवीएम पर हुए एक सर्वेक्षण में 85% मतदाताओं ने इस पर भरोसा जताया, जिससे 2024 लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र-निष्पक्ष बताया गया। भाजपा ने इसे कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ थ्योरी का जवाब बताते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा। वहीं, आईटी मंत्री प्रियांक खर्गे ने सर्वेक्षण के डिजाइन और सर्वे एजेंसी पर सवाल उठाते हुए, इसे राज्य सरकार से असंबद्ध बताया और कलबुर्गी में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा फिर उठाया।

कर्नाटक में ईवीएम पर मतदाताओं के विश्वास को लेकर किए गए एक सर्वेक्षण ने नया बवाल खड़ा कर दिया है। सर्वे में कर्नाटक निगरानी एवं मूल्यांकन प्राधिकरण के 5,100 मतदाताओं में से 85 प्रतिशत लोगों ने ईवीएम पर भरोसा जताया और 2024 लोकसभा चुनाव को स्वतंत्र-निष्पक्ष बताया।

एक ओर जहां भाजपा ने इस सर्वे को कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ वाली थ्योरी पर करारा जवाब बताया, तो वहीं दूसरी ओर कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियांक खर्गे ने सर्वे को राज्य सरकार से अलग बताते हुए इसकी डिजाइन, सर्वे करने वाली एजेंसी और नमूने के आकार पर सवाल उठाए।

कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने सर्वेक्षण को डिजाइन और संचालित करने वाली एजेंसी पर सवाल उठाया और इस बात पर जोर दिया कि इसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत या आदेशित नहीं किया गया था।

केंद्र शासित योजना एवं सांख्यिकी विभाग के अधीन कर्नाटक निगरानी एवं मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा 5,100 मतदाताओं के ज्ञान-दृष्टिकोण-व्यवहार का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण में पाया गया कि ईवीएम पर जनता का जबरदस्त भरोसा है।

फिर बेनकाब हुई कांग्रेस की वोट चोरी थ्‍योरी

इस सर्वे पर भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख बीवाई विजयेंद्र ने X पर खुशी जताते हुए पोस्ट किया, ‘कांग्रेस’ की ‘वोट चोरी’ एक बार फिर बेनकाब हो गई! कर्नाटक सरकार द्वारा प्रकाशित सर्वेक्षण रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि हमारे लोगों का एक बड़ा बहुमत मानता है कि भारत में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जाते हैं।

भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र ने कहा, यह राहुल गांधी पर सीधा प्रहार है, जिन्‍होंने बार-बार चुनावी विफलताओं को स्वीकार करने में असमर्थ होकर ‘वोट चोरी’ का नारा गढ़ने और चुनाव आयोग पर संदेह पैदा करने वाला एक लापरवाह अभियान शुरू करने का विकल्प चुना।

क्या बोली कांग्रेस?

वहीं, इसको लेकर कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने अपने राज्य प्रशासन और सर्वेक्षण के बीच किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इसे राज्य सरकार द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। जाहिर तौर पर चुनाव आयोग ने राज्य चुनाव आयोग से अनुरोध किया और एक गैर सरकारी संगठन की मदद ली, जिसे बालकृष्णन या बालासुब्रमण्यम चलाते हैं।

प्रियांक खरगे ने आगे कहा कि भाजपा को कलबुर्गी और आलंद में हुई ‘वोट चोरी’ के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आंकड़ों पर आधारित दावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा ने 2023 के कर्नाटक और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाने के लिए मिलीभगत की थी।

प्रियांक खरगे ने सर्वेक्षण के डिजाइन और ढांचे के बारे में भी सवाल पूछा और कहा कि सर्वे के डेटा का आकार कितना है? 110 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में 5,000 लोग या कुछ और…।

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