कानपुर में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारी से साइबर ठगों ने 82 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर फंडिंग जांच के नाम पर यह रकम ऐंठ ली। पीड़ित ने पनकी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ठग ने बताया था- फर्म ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर 8.62 लाख रुपए कॉर्पोरेट टैक्स बकाया है।
कानपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से सेवानिवृत्त शताब्दी नगर निवासी वृद्ध से साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर फंडिंग जांच के बहाने 82 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। वृद्ध को जब ठगी का अहसास हुआ तो शुक्रवार देर शाम पनकी थाना में तहरीर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शताब्दी नगर हिमालय भवन निवासी विनोद कुमार झा ने बताया कि 17 फरवरी को खुद को आयकर अधिकारी संजय त्रिपाठी बताने वाले युवक ने फोन किया। उसने बताया कि दिल्ली में उनकी फर्म ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर 8.62 लाख रुपए कॉर्पोरेट टैक्स बकाया है।
ठगों ने आपस में ही फोन ट्रांसफर किए
विनोद कुमार ने दिल्ली में किसी भी तरह की फर्म से इनकार किया तो फोन करने वाले युवक ने कहा कि यह तो ठगी है, इसकी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं। साथ ही उसने उसी लाइन पर पुलिस को फोन ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारी के रूप में किसी विक्रम सिंह से बात की।
उसने बात कर कहा कि रिपोर्ट दर्ज कर ली है और उसने उन्हें एफआइआर का नंबर भी दिया। इसके बाद उसने उन्हें सीबीआइ अधिकारी से बात करने के लिए कहा और फोन सीबीआइ अधिकारी को ट्रांसफर कर दिया। सीबीआइ अधिकारी के रूप में किसी पायल ठाकुर ने उनसे बात की।
तीन बार में 82 लाख रुपये ठग लिए
उसने कहा कि उनके ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है, इसलिए उनकी फंडिंग की जांच करनी होगी। उसने सारा धन ट्रांसफर करने के लिए कहा और आश्वस्त किया कि सबकुछ ठीक होने पर उनका धन वापस कर दिया जाएगा। महिला ने फंडिंग की जांच के नाम पर उनसे तीन बार में आरटीजीएस के जरिए 82 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए।
विनोद ने बताया कि इसके बाद आरोपितों का फोन बंद हो गया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाना और पनकी थाना में तहरीर दी। थाना प्रभारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।