मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की पहल, योजनाओं से जोड़े गए पात्र ग्रामीण
शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर। बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को जमीनी स्तर पर उतारने के उद्देश्य से बढ़नी विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत चरिगवा में गुरुवार को मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की ओर से वृहद मेगा कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता कर सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की, वहीं पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी कराई गई।
मेगा कैंप को संबोधित करते हुए संस्थान के डिस्ट्रिक्ट लीड प्रसून शुक्ला ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का सीधा हनन है और यह समाज के समग्र विकास में बड़ी बाधा बनता है। उन्होंने कहा कि जब तक हर बच्चा स्कूल में नहीं होगा और सुरक्षित माहौल में उसका सर्वांगीण विकास नहीं होगा, तब तक विकसित समाज की परिकल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ें और किसी भी परिस्थिति में बाल श्रम को बढ़ावा न दें।
जिला सलाहकार जय प्रकाश गुप्ता ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रदेश का हर गांव बाल श्रम मुक्त बने। इसके लिए प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि मेगा कैंप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी देकर उन्हें उनका अधिकार दिलाना है, ताकि आर्थिक मजबूरी के चलते कोई भी परिवार बच्चों से श्रम न कराए।
साथ ही उन्होंने बाल श्रम से जुड़े मामलों की सूचना संबंधित विभाग को देने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के प्रतिनिधि विजय शंकर यादव एवं काजल श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को बाल श्रम मुक्त गांव बनाने का सामूहिक संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही बाल श्रम जैसी कुप्रथा का पूर्ण उन्मूलन संभव है।
मेगा कैंप में श्रम विभाग से अमरजीत पाण्डेय, ग्राम पंचायत सचिव अनुपम सिंह, कृषि विभाग से रामसेवक व सुशील कुमार, लेखपाल सुनील, सीएचओ सुमन, पंचायत सहायक दीपिका सहित अब्दुल सलाम, मुमताज, बलिराज, विस्मिल्लाह खां, कमलेश, संजय, मयंक, संतोष, अर्जुन यादव, जगई, ममता, रवि, मन्नू, बद्रीनाथ, अफजल व महेश समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।





