मौदहा (हमीरपुर), 3 जुलाई 2025: मौदहा कस्बे में मोहर्रम की सातवीं तारीख पर इमाम हुसैन की शहादत की याद में भव्य पलंग जुलूस निकाला गया। फकीर अली पहलवान उर्फ गंधीगर के इमाम चौक से शुरू हुआ यह जुलूस या हुसैन और अब्बास अलमदार के नारों से गुंजायमान रहा। हजारों अकीदतमंदों की भीड़ ने इस मातमी जुलूस में शिरकत की, जिसमें नेजे, ढाल सवारियां, ताशे और मातमी धुनों ने माहौल को गमगीन और रुहानी बना दिया।जुलूस की शुरुआत फातिहा के साथ गंधीगर इमामबाड़ा से हुई, जहां भारी संख्या में लोग एकत्र हुए। अलम, ढाल और नेजों के साथ जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा और आज सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचा।
जुलूस के दौरान जगह-जगह भारी लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें शरबत, शिरनी और अन्य तबर्रुकात बांटे गए। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने लंगर के आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।मौदहा की सातवीं का यह जुलूस कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में अपनी भव्यता और परंपरागत अंदाज के लिए प्रसिद्ध है। जुलूस में शामिल युवा और बच्चे मातमी धुनों पर सीनाजनी और नौहाख्वानी करते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिसने जुलूस के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया।जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की भीड़ समय के साथ लगातार बढ़ती गई, और रात होते-होते माहौल और भी रुहानी हो उठा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह जुलूस कर्बला के शहीदों की याद में हर साल श्रद्धा और सौहार्द के साथ निकाला जाता है, जो मौदहा की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का हिस्सा है।जुलूस के आयोजन में स्थानीय कमेटियों और अंजुमनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस और प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।





