Sunday, March 15, 2026
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कुर्की मामलों में उत्तर प्रदेश में टॉप पर है झांसी परिक्षेत्र : डीआईजी

अवधनामा संवाददाता

आजादी के बाद सबसे बड़ी कार्यवाही की जानकारी देने ललितपुर पहुंचे डीआईजी
पूर्व नपाध्यक्ष व उनके परिजनों की 61 करोड़ की सम्पत्ति कुर्क की दी जानकारी

ललितपुर। आपराधिक इतिहास बनाने वाले माफियाओं के खिलाफ शासन स्तर से लगातार कार्यवाहियां की जा रहीं हैं। इन कार्यवाहियों को धरातल पर अमलीजामा पहनाने में ललितपुर का पुलिस महकमा अब्बल है। ललितपुर में तीन दिनों से चल रही सबसे बड़ी कुर्की की कार्यवाही को गुरूवार को पूर्ण कर लिया गया। इसकी जानकारी झांसी परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक जोगेन्द्र सिंह ने पत्रकारों को ललितपुर कोतवाली में दी।
डीआईजी जोगेन्द्र सिंह ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि आजादी के बाद यह सबसे बड़ी कार्यवाही है। कहा कि पूरे झांसी मण्डल में अब तक 6 अरब 80 करोड़ रुपये से अधिक की कुर्की की जा चुकी है। यह भी बताया कि ललितपुर जनपद में जिला मजिस्ट्रेट आलोक सिंह के आदेश के बाद माफिया रमेश खटीक व उनके परिजनों द्वारा गैंगस्टर की कार्यवाही प्रचलित थी के खिलाफ विगत तीन दिनों से चल रही कुर्की की कार्यवाही को गुरूवार को पूर्ण कर लिया गया है। बताया कि ललितपुर के इतिहास में यह कुर्की की कार्यवाही सबसे बड़ी है, जो कि कुल 61 करोड़ से अधिक की है। उन्होंने कहा कि 66 स्थानों पर एक साथ 66 दरोगाओं को तैनात करते हुये यह कार्यवाही की गयी। साथ ही पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सदर अभय नारायण राय लगातार देख-रेख करते रहे। पत्रकारों से वार्ता करते हुये डीआईजी ने बताया कि कुल आठ टीमों का गठन किया गया था, जिनके द्वारा यह कार्यवाही अमल में लायी गयी। यह भी बताया कि कुर्क की गयी बैंक सम्पत्ति कुल 12671.34 रुपये, कुर्क किये गये वाहनों में 3,43000 रुपये, कुर्क की गयी अचल सम्पत्ति में 60 करोड़ 98 लाख 44 हजार 329 रुपये की है, कुल मिलाकर 61 करोड 2 लाख रुपये की यह कुर्की की गयी है।
कुर्क सम्पत्तियों का उपयोग करने पर तत्काल एफआईआर के आदेश
वार्ता के दौरान पत्रकारों ने डीआईजी को अवगत कराया कि कुर्क की गयी अचल अचल सम्पत्तियों का सम्बन्धितों द्वारा उपयोग किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुये मौके पर ही डीआईजी ने सीओ सदर अभयनारायण राय को निर्देशित किया कि दो घण्टे में एफआईआर दर्ज कराते हुये सख्त कार्यवाही करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुर्क की गयी सम्पत्तियों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यदि ऐसा मामला प्रकाश में आता है तो सम्बन्धितों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें।
कबूतरा डेरा में सात दिन बिताएंगे सीओ
साथ ही अवैध कच्ची शराब के कुख्यात कबूतरा डेरा चीरा व मऊमाफी में अवैध कच्ची शराब के निर्माण को रोकने के लिए बेहद गंभीर होते हुये डीआईजी जोगेन्द्र कुमार ने कहा कि सीओ इन डेरा पर जाकर सात दिनों तक सुबह-शाम दविश देंगे। यदि कोई कच्ची शराब के निर्माण, बिक्री इत्यादि में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्ती से कार्यवाही की जायेगी।
तलाशी जा रही माफियाओं की सम्पत्तियां
डीआईजी जोगेन्द्र कुमार ने पत्रकारों को बताया कि झांसी परिक्षेत्र के जनपदों में भू-माफियाओं, अवैध शराब माफियाओं, अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही अमल में लायी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाते हुये उनके काले कारोबारों से अर्जित की गयी सम्पत्तियों को तलाशा जा रहा है।

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