Friday, February 27, 2026
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राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी नें किया अपील, प्रमोशन में आरक्षण के विरुद्ध चेतावनी दौड़ में शामिल हों

राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी नें किया अपील, प्रमोशन में आरक्षण के विरुद्ध चेतावनी दौड़ में शामिल हों
प्रमोशन में आरक्षण के समर्थकों को देना होगा वोट न देकर करारा जवाब

17 जून को सुबह 6 बजे लखनऊ के 1090 चौराहे से शुरू होगी प्रमोशन में आरक्षण के विरुद्ध चेतावनी दौड़

राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी नें सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के साथ प्रमोशन में आरक्षण के विरुद्ध चेतावनी दौड़ में शामिल होनें हेतु सभी समाजसेवियों, संगठनों और लोगों से अपील किया है कि इस चेतावनी दौड़ में शामिल होकर प्रमोशन में आरक्षण के विरुद्ध संघर्ष को आगे बढ़ाएं |

राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज कुमार नें कहा कि पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की केन्द्र सरकार की कोशिशों के विरोध में रविवार 17 जून को चेतावनी दौड़ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। चेतावनी दौड़ 17 जून को सुबह छह बजे 1090 चैराहे से प्रारम्भ होकर कालीदास मार्ग चैराहे तक जायेगी।

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र दूबे नें बताया कि इन्द्रा साहनी मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पदोन्नति में आरक्षण को असंवैधानिक करार दिये जाने के बाद 17 जून 1995 को ही पहली बार संविधान संशोधन कर पदोन्नति में आरक्षण लागू किया गया था इसीलिए 17 जून को देश भर में सभी प्रान्तों की राजधानियों में विरोध स्वरूप कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में उप्र में जागरुकता दौड़ आयोजित की गयी है। समिति की आज यहां हुई आम सभा में उक्त निर्णय लिया गया।

विदित हो पदोन्नति में आरक्षण को सर्वोच्च न्यायालय असंवैधानिक करार दे चुका है जिसके बाद उप्र में पदोन्नति में आरक्षण समाप्त हो गया है और पदोन्नति में आरक्षण का लाभ पाकर पदोन्नति पाये लगभग 25000कार्मिक पदावनत किये जा चुके हैं। इसी प्रकार हाल ही में कार्नाटक में भी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद लगभग20000 कार्मिक पदावनत किये गये हैं और पदोन्नति में आरक्षण समाप्त हो चुका है। देश के अन्य प्रान्तों मध्यप्रदेश, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली और त्रिपुरा के उच्च न्यायालय पदोन्नति में आरक्षण को असंवैधानिक करार दे चुके हैं किन्तु इन प्रान्तों की सरकारें उच्च न्यायालय के निर्णय के विरोध में सुप्रीम कोर्ट गयीं हैं और केन्द्र सरकार के दबाव के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इन प्रान्तों के मामले में कोई निर्णय देने के बजाय एम नागराज मामले पर पुनर्विचार करने का फैसला लिया है। केन्द्र सरकार के मंत्री राम विलास पासवान व थावर चन्द्र गहलोत ने बयान दिया है कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के पक्ष में निर्णय न दिया तो केन्द्र सरकार अध्यादेश लाकर पदोन्नति में आरक्षण लागू करेगी।

राष्ट्रीय राष्ट्रवादी पार्टी के महासचिव सौरभ जैसवाल नें कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और बताना चाहिए कि केन्द्र व प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण के पक्ष में है या नहीं। समिति ने भाजपा व कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों से भी इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। समिति की आज यहां हुई सभा में यह निर्णय लिया गया कि 17 जून,2018 को चेतावनी दौड़ के बाद पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में ज्ञापन दो अभियान चलाया जायेगा। ज्ञापन दो अभियान के तहत सभी सांसदों व विधायकों को ज्ञापन देकर मांग की जायेगी कि वे सार्वजनिक तौर पर यह घोषणा करें कि वे पदोन्नति में आरक्षण का विरोध करेंगे अन्यथा देश की तीन करोड़ कर्मचारी,  अधिकार व शिक्षक वोट की राजनीति का आने वाले लोकसभा चुनाव में वोट से करारा जवाब देंगे।


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