अवधनामा सांवाददाता
बाराबंकी। भाजपा द्वारा आयोजित पसमांदा समाज सम्मेलन पर टिप्पणी करने वाले एआईएम के नेता वकार एव सिकुलर पार्टियों के नेताओ को आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईन ने आड़े हाथों लिया है। कहा कि पसमांदा मुसलमानों को सिर्फ इस्तेमाल करते आये दल के नेताओं पेट मे मरोड़ होने लगी है। मुसलमानों का भाजपा के प्रति झुकाव उन्हें रास नही आ रहा।
प्रदेश अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा है कि विदेश से आये अशराफ मुसलमान अब भारतीय पसमांदा मुस्लिम को सीख देने का प्रपंच कर रहे। अब तक यह लोग और इनका दल कहां था। जब खिलौने की तरह इस्तेमाल कर पसमांदा मुस्लिम समाज को गाय की तरह दुहते रहे। न सदन में जगह दी और न ही संगठन में न ही किसी पसमांदा मुस्लिम को पार्टी गठन आज तक राज्यसभा भेजा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कम से कम पिछड़े कमजोर आर्थिक तौर पर मजबूर इस समाज का ख्याल तो किया और वैसे भी इस सम्मेलन का फैसला राष्ट्रीय समिति की बैठक में हुआ और भाजपा के ही पदाधिकारी शामिल हुए कोई बाहरी शख्स नही रहा। सपा को तकलीफ सिर्फ इस बात की है कि पसमांदा मुसलमान को एक खैरख्वाह हासिल हो गया, जिसने न सिर्फ फिक्र की बल्कि फिक्र को जमीनी स्तर पर जाहिर भी किया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री बिर्जेश पाठक जी के उस बयान का भी समर्थन किया की सिकुलर पार्टियों ने तेज पत्ते की तरह इस्तेमाल किया ये बिल्कुल हक़ीक़त हैं वसीम राईन ने कहा कि यह काम तो समाजवादी पार्टी भी पहले ही कर सकती थी फिर क्यों नही किया लेकिन विदेशी अशराफ मुसलमानों की चापलूसी से फुर्सत मिली हो तब पिछड़ों का ख्याल आता। नेताओं के बयान सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए है इससे अधिक कुछ भी नही।





