
अवधनामा संवाददाता
तालाब में मनरेगा के माध्यम से गहरीकरण व शिल्ट सफाई कराने के दिये निर्देश
प्राचीन जल स्रोतों को साफ कर उपलब्ध जल का करें सदुपयोग: जिलाधिकारी
ललितपुर। बुन्देलखण्ड में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान हेतु लगातार प्रसास किये जा रहे हैं, साथ ही पेयजल परियोजनाओं पर भी युद्धस्तर पर निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं, जिससे जल्द से जल्द बुन्देलखण्ड के लोगों को शुद्ध पेयजल की उपलब्ध्ता सुनिश्चित की जा सके। प्रदेशवासियों को शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी जनपदों के अधिकारियों को पेयजल की सम्भावनाओं वाले स्रोतों को पुनर्जीवित कर जल की उपलब्धता के साधन के रुप में विकसिक करने के निर्देश दिये गए हैं, जिसके क्रम में को जिलाधिकारी आलोक सिंह ने ग्राम पंचायत बानपुर अंतर्गत तालाब एवं प्राचीन किले का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान द्वारा अवगत कराया गया कि यह तालाब ग्राम पंचायत बानपुर में बना हुआ है, यहां पर मनरेगा योजनान्तर्गत गहरीकरण, साफ-सफाई, शिल्ट सफाई व वृक्षारोपण का कार्य कराया जाएगा, जिससे इस तालाब में जल का संचयन हो सकेगा, साथ ही आसपास के के लोगों को पेयजल एवं लगभग 20 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता भी रहेगी। इसके साथ ही तालाब पर अन्य निधियों से सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा। यहां पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि तालाब पर गहरीकरण, शिल्ट सफाई का कार्य तेजी के साथ कराया जाए, ताकि आगामी मानसून में वर्षा का जल तालाब में एकत्र हो सके, साथ ही तालाब के आसपास वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए। मौके पर जिलाधिकारी ने बानपुर क्षेत्र के प्राचीन किले का भी निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने किले के भीतर बने प्राचीन कुएं को देखा, जिसमें जल उपलब्ध था, साथ ही उन्होंने किले के पास बने तालाब को भी देखा, तालाब में भी जल उपलब्ध था। मौके पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि मनरेगा के तहत श्रमिकों के माध्यम से किले में उगी झाडिय़ों आदि को साफ करवायें, साथ ही प्राचीन जल स्रोतों को साफ कराकर उनमें उपलब्ध जल का सदुपयोग करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पाण्डेय, उपायुक्त मनरेगा रवीन्द्रवीर यादव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पीयूष चन्द्र राय, खण्ड विकास अधिकारी बार सौरभ वर्णवाल, एपीओ तवरेज खान, जेईएमआई आरके भदौरिया, जेई आरईएस बीके द्विवेदी, सचिव विनीत दुबे, ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, तकनीकि सहायक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।





