Wednesday, March 4, 2026
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HomeUttar PradeshAzamgarhनवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी

नवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी

Detailed information given about the care of newborn babies

अवधनामा संवाददाता

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन
आज़मगढ़ (Azamgarh)। जिला महिला अस्पताल में महिला कल्याण विभाग द्वारा ‘‘मिशन शक्ति -3.0’’ के अन्तर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम किया गया।  इस अवसर पर जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ0 मंजुला सिंह, डॉ0 विपिन सिंह, महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय द्वारा प्रतिकात्मक रूप से पूनम यादव महाराजगंज, सोनी सिंह बनियारपार, साधना पवई, इन्दू अजमतगढ़ एवं दीपिका मौर्या कौड़िया कप्तानगंज को बेबी किट व सम्मान पत्र प्रदान कर केक काटा गया।
इस अवसर पर डॉ0 विपिन सिंह द्वारा महिलाओं को सशक्तीकरण के बारे में बताया गया, उनके द्वारा बताया गया कि महिलाएं अपने नवजात शिशुओं की देखभाल कैसे करें, इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।
महिला कल्याण अधिकारी प्रीती उपाध्याय ने बताया कि कन्या जन्मोत्सव के अवसर पर 18 महिला लाभार्थियों का चयन किया गया था, जिनमें सभी को बेबी किट व सम्मान पत्र वितरित कराया गया। उन्होने बताया कि 18 महिला लाभार्थियों में से कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत पात्र 14 लाभार्थियों को लाभ दिलाया गया।
महिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि मिशन शक्ति 3.0 के अन्तर्गत माह अगस्त से दिसंबर 2021 तक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाना है। इसी क्रम में आज कन्या जन्मोत्सव का कार्यक्रम जिला महिला अस्पताल में आयोजित किया गया।
इसी के साथ ही महिला कल्याण अधिकारी प्रीती उपाध्याय ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की जा रही है, इसका उद्देश्य कन्या भू्रण हत्या को समाप्त करना, समान लैंगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह की कू-प्रथा को रोकना, बालिका के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना और उन्हें स्वावलम्बी बनाना है।
इस योजनान्तर्गत 06 श्रेणियों में लाभार्थियों को लाभ दिया जाता है, जिसमें प्रथम श्रेणी के अन्तर्गत बालिका के जन्म होने पर 2000 रू0, द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त 1000 रू0, तृतीय श्रेणी में कक्षा 1 में बालिका के प्रवेश करने पर 2000 रू0, चतूर्थ श्रेणी में कक्षा 6 में बालिका के प्रवेश करने पर 2000 रू0, पंचम श्रेणी में कक्षा 9 में बालिका के प्रवेश करने पर 3000 रू0 एवं 6वीं श्रेणी में ऐसी बालिकाएं जिन्होने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो 5000 रु0 दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी उ0प्र0 का निवासी हो, स्थायी निवास प्रमाण पत्र उसके पास हो, लाभार्थी के परिवारिक वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रू0 हो, किसी परिवार की अधिकतम दो ही बच्चियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
इसी के साथ ही महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अन्तर्गत प्रथम श्रेणी में 0 से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चे के वैध संरक्षक के बैंक खाते में रुपया 4000 प्रतिमाह की धनराशि देय होगी, बशर्ते औपचारिक शिक्षा हेतु उनका पंजीयन किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कराया गया हो। इसके अतिरिक्त ऐसे बच्चे जो पूर्णतया अनाथ हो गए हो एवं बाल कल्याण समिति के आदेश से विभाग के अंतर्गत संचालित बाल्य देखभाल संस्थाओं में आवासित कराए गए हो, उनको कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा हेतु अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेशित कराया जाएगा। द्वितीय श्रेणी में 11 से 18 वर्ष तक की आयु  के बच्चों की कक्षा 12 तक की निःशुल्क शिक्षा हेतु अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा तथा विद्यालयों की 03 महीने की अवकाश अवधि हेतु बच्चों की देखभाल हेतु प्रतिमाह रुपया 4000 की दर से कुल रुपए 12000 की धनराशि प्रतिवर्ष संरक्षक के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। उक्त धनराशि कक्षा 12 तक या 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जो भी पहले हो ही देय होगी। यदि बच्चे के संरक्षक उपरोक्त विद्यालयों में किसी कारण से प्रवेश नहीं दिलाना चाहते हैं तो बच्चों की देखभाल व शिक्षा हेतु उनको 18 वर्ष के आयु होने अथवा कक्षा 12 तक की शिक्षा पूरी होने तक रुपया 4000 की धनराशि दी जाएगी बशर्ते बच्चे की औपचारिक शिक्षा हेतु अनिवार्य रूप से किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया हो। उन्होंने बताया कि लाभार्थी बालिकाओं की शादी हेतु रुपया 1,01,000 आर्थिक सहयोग प्राप्त होगा, इसी के साथ ही पात्र लाभार्थियों मे कक्षा 09 या इससे ऊपर अथवा व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, 18 वर्ष तक के बच्चों को लैपटॉप/टेबलेट की सुविधा दी जाएगी। इसी के साथ ही साथ बच्चों की चल/अचल संपत्ति की कानूनी सुरक्षा भी कराई जाएगी।
इस अवसर पर जिला समन्वयक अन्नु सिंह एवं वन स्टाप सेन्टर की मैनेजर सरिता पाल, पिंकी सिंह, रीना यादव, रंजना मिश्रा सहित समस्त स्टाप उपस्थित रहे।

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