महाराष्ट्र के भीमा कोरेगाव, सहारनपुर, ऊना के पीड़ित दलितों को न्याय के लिए व अखलाक, पहलू खान, जुनैद व अभी हाल ही में राजसमंद में 40वर्षीय अफराजुल की निर्मम हत्या के विरोध में व भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर रावण को तत्काल रिहा करने के लिए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा की तरफ से राज्यव्यापी ‘जन कन्वेंशन’ उप्र. प्रेस क्लब में आयोजित किया गया।

आयोजन में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय के अलावा रायबरेली के छात्र युवाओं ने भागीदारी की।

मंच पर आइसा के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य, ऐपवा की राज्य सचिव मीना सिंह, इनौस के ओम प्रकाश, चंद्रशेखर रिहाई आन्दोलन से मनीष कुमार व जसम के आर.के. सिन्हा उपस्थित रहे।

प्रदेश आइसा राज्य सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि देश व प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद दलितों पर शोषण और हमले तेज़ हुए हैं। सहारनपुर में दलितों के ऊपर जातीय हिंसा, ऊना के दलितों का उत्पीड़न व निर्ममता से हमला और अब महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में दलितों के ऊपर हिंसात्मक हमला इसी भाजपा सरकार की सह पर हो रहे हैं।
मीना सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के नाम पर सत्ता में आने की कोशिश की। लेकिन सत्ता में आने के बाद महिलाओं के साथ उत्पीडन व यौन हिंसा में कमी नहीं आ रही है। प्रदेश की राजधानी में ही एक कैंसर पीड़ित छात्रा के साथ दुष्कर्म योगी सरकार की विफलता को दिखा रहा है।
इनौस के ओम प्रकाश ने कहा कि आरएसएस समर्थित भाजपा सरकार देश को बांटने का काम कर रही है। सरकार देश को हिन्दू-मुस्लिम, हिन्दू बनाम दलित करके देश को विभाजित कर रही है। देश की जनता और छात्र-युवाओं को इस नफरत की राजनीति के खिलाफ खड़े होने का समय है और इस नफरत के बरक्श शिक्षा, स्वस्थ और रोजगार जैसे मूलभूत सवालों को लेकर देश की राजनीति को नई दिशा देने की जरुरत है।
कन्वेंशन में शामिल छात्रों में इविवि से शक्ति रजवार, रणविजय सिंह, शैलेश पासवान ने, लविवि से प्रियंका, मुकुंद, अजय आदि ने अपनी बात रखी।
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