Join us-9918956492———————————-
कारोबारी के बेटे का नहीं हुआ था अपहरण
लखनऊ के चिनहट से गायब हुए कारोबारी के बेटे का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि खुद ही वह पूर्व मंत्री के बेटे के साथ गया था। पुलिस ने यह दावा पूर्व मंत्री के बेटे समेत तीन लोगो को गिरफ्तार करने के बाद किया है। मामले में पुलिस ने कारोबारी के बेटे को भी सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपियों की गिरफ़्तारी और कारोबारी के बेटे की बरामदगी पुलिस ने महोबा से की है।
पुलिस ने यूपी 70 नंबर की पजेरो गाड़ी भी बरामद की है। हालांकि गुड़वर्क का दावा करने वाली पुलिस कारोबारी के बेटे को मीडिया के सामने नहीं लाई।
लखनऊ के चिनहट से गायब हुए कारोबारी के बेटे का अपहरण नहीं हुआ था बल्कि खुद ही वह पूर्व मंत्री के बेटे के साथ गया था। पुलिस ने यह दावा पूर्व मंत्री के बेटे समेत तीन लोगो को गिरफ्तार करने के बाद किया है। मामले में पुलिस ने कारोबारी के बेटे को भी सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपियों की गिरफ़्तारी और कारोबारी के बेटे की बरामदगी पुलिस ने महोबा से की है।
पुलिस ने यूपी 70 नंबर की पजेरो गाड़ी भी बरामद की है। हालांकि गुड़वर्क का दावा करने वाली पुलिस कारोबारी के बेटे को मीडिया के सामने नहीं लाई।

मीडिया कर्मियों द्वारा पूछने पर बताया गया कारोबारी का बेटे अब आनंद की नींद सो रहा है।पुलिस के मुताबिक चिनहट निवासी कारोबारी अमित जायसवाल ने बेटे शिवम
जायसवाल उर्फ यशराज के अपहरण की जानकारी पुलिस को दी थी। साथ ही गाड़ी नंबर भी पुलिस को बताया गया थी कि अपहरणकर्ता उसके बेटे को गोरखपुर की ओर ले गए है। मामला अपहरण से जुड़ा हुआ था इसलिए पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मामले की तफ्तीश शुरू की। एसएसपी ने बताया शिवम ने अपनी गर्लफ्रेंड को खुद के अपहरण की जानकारी दी थी। पुलिस ने जब तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि शिवम जनेश्वरमिश्र पार्क के पास खुद ही पूर्व मंत्री के बेटे के
साथ दिखा था साथ ही गाड़ी में बैठते हुए भी नज़र आया था। इस जानकारी के बाद पुलिस ने जब पूर्व मंत्री बादशाह सिंह के बेटे के नंबर को खंगाला तो साफ़
हो गया कि इसी नंबर से पहले शिवम् से बात होती रही है। यह भी पुलिस को मालूम हो गया कि पूर्व मंत्री का बेटे और शिवम दोनों की फेसबुक के जरिये दोस्ती हुई थी। कारोबारी के बेटे को तीस हजार रूपये की जरूरत थी इसलिए उसने पूर्व मंत्री के बेटे से रूपये मांगे थे। पुलिस के मुताबिक रूपये देने के लिए पूर्व मंत्री के बेटे ने शिवम को जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बुलाया था।
पुलिस के मुताबिक कारोबारी का बेटा दोनों पहले से ही परिचित थे। फौरी तौर पर मामले में अपहरण की बात सामने नहीं आई जिसके बाद अपहरण के मुकदमे को
धारा 365 में तरमीम कर दिया गया। सर्विलांस और क्राइम ब्रांच की मदद से पुलिस ने कारोबारी के बेटे को ,महोबा में पूर्व मंत्री बादशाह के घर से बरामद कर लिया। साथ ही पूर्व मंत्री के बेटे सूर्य सिंह, राजेश सेन और
कुन्नू उर्फ़ प्रबल सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पजेरो गाड़ी भी बरामद की है। मामले में हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपियों ने कारोबारी के बेटे का अपहरण भी नहीं किया फिर भी
उन्हें गिरफ्तार किया गया और जिसने खुद के अपहरण की साज़िश रची उसको भी पुलिस सामने नहीं लाई। यही नहीं जब पुलिस से कारोबारी के बेटे के बारे में पूछा तो बड़ी बेशर्मी से जवाब दिया गया कि खुद के अपहरण की साज़िश रचने वाला कारोबारी का बेटा घर में आनंद की नींद सो रहा है।





