
नियमों की अनदेखी कर की नियुक्ति
जानकारी के मुताबिक एलयू के कामर्स फैकल्टी के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट में डॉ. संगीता साहू और डॉ. हिमांशु मोहन का अपॉइंटमेंट 2016 में हुआ था। ये नियुक्तियों में गड़बड़ी का मामला राजभवन तक जा पहुंचा। राजभवन इस मामले की जांच कराई। जांच में नियमों की अनदेखी का मामला सही पाया गया। बुधवार को प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने विश्वविद्यालय के दोनों प्रोफेसर्स की नियुक्तियों को रद करने का निर्देश जारी किया है। विभाग की ही प्रोफेसर डा. रीतू नारंग ने दोनों प्रोफेसर को अयोग्य बताते हुए राजभवन में शिकायत की थी। नियमानुसार एसोसिएट प्रोफेसर के लिए शोध पर्यवेक्षक जरूरी है। लेकिन ऐसा पाया नही गया। राजभवन ने एलयू वीसी से एक महीने के अंदर जवाब मांगा है।
क्या बोले विश्वविद्यालय के अधिकारी
लखनऊ विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रो. एनके पाण्डेय का कहना है, ये मामला अभी एलयू प्रशासन के संज्ञान में नहीं आया है। अभी कोई आदेश की कापी उनको नही मिली है। आदेश की कापी मिलने के बाद ही इस विषय में कुछ कहना उचित होगा। जब तक उनको कोई आदेश की कापी नही मिल रही है,उसके पहले कोई टिप्पणी करना ठीक नही है।
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