नई दिल्ली। देश की राजनीति में आज का दिन कई महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिहाज से चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा दिन है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने ‘जनता के बीच महाभियोग’ कार्यक्रम के जरिए अपनी राजनीतिक रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं, जनसभाओं और सरकारी कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। गुजरात दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं विपक्ष की ओर से चलाए जा रहे ‘जनता के बीच महाभियोग’ कार्यक्रम ने भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विपक्ष महाभियोग से जुड़े अपने पक्ष और सवालों को आम जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। विपक्ष का उद्देश्य इस मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाना और सरकार के सामने अपनी बात रखना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात दौरे का आज दूसरा और अंतिम दिन है। वहीं विपक्षी गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर ‘जनता के बीच महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचे, जहां उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण कार्यक्रम निर्धारित है।
इन परियोजनाओं में सीवेज एवं जल उपचार संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, आकर्षक लाइटिंग व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री शाम करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे।
दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर ‘जनता के बीच महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की है। यह कार्यक्रम पहले शुक्रवार को प्रस्तावित था, लेकिन बारिश के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेता और सांसद शामिल होंगे। विपक्ष इस मंच के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपने आरोपों और उन्हें पद से हटाने की मांग को जनता के सामने रखने की तैयारी में है।
इस तरह 31 अक्टूबर को एक ओर गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों पर देश की नजरें हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष के कार्यक्रम से राजनीतिक हलचल भी चर्चा में बनी हुई है।


