नई दिल्ली। आजकल जोड़ों में दर्द, अकड़न और कमजोरी की समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। कम उम्र के युवा भी घुटनों, कंधों, कमर और टखनों में दर्द की शिकायत कर रहे हैं। बदलती जीवनशैली, घंटों एक जगह बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते दिनचर्या में कुछ आसान व्यायाम शामिल करके जोड़ों की गतिशीलता और मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
1. रोजाना करें वॉकिंग
पैदल चलना जोड़ों को सक्रिय रखने का आसान तरीका है। नियमित वॉकिंग से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर की गतिशीलता बेहतर बनी रहती है। शुरुआत 15 से 20 मिनट की हल्की सैर से कर सकते हैं।
2. स्क्वाट्स को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा
स्क्वाट्स करने से जांघों, कूल्हों और घुटनों के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शुरुआत में कम संख्या में और सही तकनीक के साथ अभ्यास करें। घुटनों में दर्द होने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
3. स्ट्रेचिंग से दूर करें अकड़न
लंबे समय तक बैठने से मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न महसूस हो सकती है। नियमित स्ट्रेचिंग से शरीर का लचीलापन बढ़ाने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद मिलती है।
4. साइकिलिंग से बढ़ाएं जोड़ों की सक्रियता
साइकिल चलाना कम प्रभाव वाला व्यायाम है। इससे पैरों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और घुटनों की गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। शुरुआत धीमी गति से करें।
5. योग को दें दिनचर्या में जगह
ताड़ासन, वृक्षासन और हल्के योग अभ्यास शरीर का संतुलन और लचीलापन बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। योग करते समय अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है।
6. ब्रिज एक्सरसाइज से मजबूत करें मांसपेशियां
इस अभ्यास में पीठ के बल लेटकर घुटनों को मोड़ा जाता है और कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है। इससे कूल्हों और कमर के आसपास की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
7. संतुलित खानपान और पर्याप्त नींद जरूरी
जोड़ों की सेहत के लिए केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि पोषण भी महत्वपूर्ण है। भोजन में कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी से भरपूर चीजें शामिल करें। पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम भी दें।
कब बरतें सावधानी?
अगर कम उम्र में ही जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, अकड़न या चलने-फिरने में परेशानी हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। दर्द के दौरान जबरदस्ती व्यायाम करने से बचें।


