शेयर बाजार में विदेशी निवेश बढ़ाने की तैयारी

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नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और बाजार में नई जान फूंकने के लिए सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में कटौती पर विचार कर सकती है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने सरकार को इस दिशा में अहम सुझाव दिया है। माना जा रहा है कि अगर सरकार एलटीसीजी टैक्स में राहत देती है, तो इससे विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है।

विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने पर जोर

जेफरीज के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेश (FII) को बढ़ावा देने के लिए टैक्स व्यवस्था को अधिक आकर्षक बनाना जरूरी है। एलटीसीजी टैक्स में कमी से विदेशी निवेशकों को निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल सकता है। इससे भारतीय बाजार में पूंजी का प्रवाह बढ़ने की संभावना बन सकती है।

क्या होता है एलटीसीजी टैक्स?

एलटीसीजी यानी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स वह कर है, जो निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रखी गई संपत्ति या निवेश को बेचने पर हुए मुनाफे पर लगाया जाता है। शेयर बाजार में सूचीबद्ध इक्विटी शेयर और इक्विटी म्यूचुअल फंड की निर्धारित शर्तों के तहत होने वाली कमाई पर यह टैक्स लागू होता है।

बाजार को मिल सकती है नई मजबूती

टैक्स में संभावित कटौती से विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है। इससे शेयर बाजार में तरलता, निवेश गतिविधियों और कारोबार को समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, टैक्स में राहत का वास्तविक फायदा बाजार को कितना मिलेगा, यह विदेशी निवेशकों की धारणा, वैश्विक आर्थिक हालात और सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

सरकार के फैसले पर रहेगी नजर

फिलहाल जेफरीज का यह सुझाव है, सरकार की ओर से एलटीसीजी टैक्स घटाने को लेकर किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं हुई है। यदि सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाती है, तो इसका असर निवेशकों की रणनीति और भारतीय शेयर बाजार की दिशा पर देखने को मिल सकता है।

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