नई दिल्ली। आम लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में नैफेड (NAFED) नई पहल करने जा रहा है। दाल और आटे की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली और राजस्थान में तीन नए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाने की योजना है। इन प्लांटों के जरिए दालों और गेहूं के प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के साथ उपभोक्ताओं तक बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।
दाल और आटे के उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
नैफेड यानी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ कृषि उत्पादों के विपणन और किसानों के हितों से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नए प्लांट स्थापित होने से दाल और आटे की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे बाजार में इन उत्पादों की आपूर्ति को बेहतर बनाने का रास्ता भी खुलेगा।
किसानों और उपभोक्ताओं दोनों पर रहेगा फोकस
कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और बेहतर विपणन व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिल सकती है। वहीं, उपभोक्ताओं को मानकों के अनुरूप खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा सकेगा। दाल और आटा आम परिवारों के दैनिक भोजन का अहम हिस्सा हैं, इसलिए इनकी गुणवत्ता और उपलब्धता का सीधा संबंध घरेलू रसोई से है।
दिल्ली और राजस्थान में बनेंगे तीन प्लांट
योजना के तहत दिल्ली और राजस्थान में कुल तीन नए प्लांट लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इनकी सटीक लोकेशन, उत्पादन क्षमता, निवेश राशि और संचालन शुरू होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं हो सकी है। इन जानकारियों के सामने आने के बाद परियोजना के संभावित लाभों का आकलन अधिक स्पष्ट रूप से किया जा सकेगा।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा?
यदि परियोजना तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो इससे दाल और आटे की प्रोसेसिंग तथा वितरण व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। साथ ही, गुणवत्ता नियंत्रण और आपूर्ति प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जा सकेगा।


