फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। शरद पूर्णिमा के अवसर पर टेसू-झांझी के विवाह के बाद विसर्जन के लिए निकले ग्रामीणों के बीच तेज रफ्तार कार घुस गई। देखते ही देखते खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। इस हादसे में शिशुपाल की तीन बेटियों समेत पांच ग्रामीणों की मौत हो गई। वहीं, ग्रामीणों की पिटाई से घायल कार सवार एक युवक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में मातम छा गया और मृतकों के घरों में कोहराम मच गया।
टेसू-झांझी के विवाह के बाद विसर्जन के लिए निकले थे ग्रामीण
मामला फिरोजाबाद जिले के नसीरपुर थाना क्षेत्र के छटनपुर गांव का है। रविवार, 25 अक्टूबर की रात गांव में शरद पूर्णिमा के अवसर पर टेसू-झांझी के विवाह की रस्म पूरी की गई थी। इसके बाद महिला, पुरुष और बच्चे विसर्जन के लिए गांव से बाहर शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग की ओर जा रहे थे।
ग्रामीण पारंपरिक आयोजन में शामिल थे। लोग सड़क किनारे आगे बढ़ रहे थे और विसर्जन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 9:15 बजे तेज रफ्तार कार वहां पहुंची और सड़क किनारे मौजूद ग्रामीणों को टक्कर मारते हुए निकल गई। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
पहली टक्कर के बाद भी नहीं रुकी कार, दोबारा लौटकर लोगों को रौंदा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहली टक्कर के बाद कार चालक मौके से भागने लगा। हादसे में लोग घायल पड़े थे और ग्रामीण मदद के लिए जुट रहे थे। कुछ लोगों ने कार का पीछा करना शुरू कर दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, कार चालक आगे जाने के बाद दोबारा लौटा और फिर लोगों को टक्कर मारते हुए निकल गया। इस दौरान कई अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे की भयावहता से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। जिस रास्ते पर कुछ देर पहले धार्मिक आयोजन और विसर्जन की तैयारियां चल रही थीं, वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शिशुपाल की तीन बेटियों की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू शिशुपाल के परिवार से जुड़ा है। उनकी तीन बेटियां अंजली, आकांक्षा और गुन्नू इस हादसे की चपेट में आ गईं। तीनों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया।
परिवार के लिए यह किसी असहनीय सदमे से कम नहीं था। जिन बेटियों के साथ घर में खुशियां थीं, उनके एक साथ चले जाने से घर में मातम पसर गया। पिता शिशुपाल का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, लेकिन तीन बेटियों को खोने का दर्द इतना गहरा था कि किसी के पास उन्हें दिलासा देने के लिए शब्द नहीं थे। <Cite refs=
तीन बहनों के साथ दो अन्य ग्रामीणों की भी गई जान
प्रारंभिक खबरों में मृतकों की संख्या चार बताई गई थी, लेकिन बाद की रिपोर्टों में हादसे में पांच ग्रामीणों की मौत की जानकारी सामने आई। मृतकों में शिशुपाल की बेटियां अंजली (15), आकांक्षा (17) और गुन्नू (10), हरीश कुमार तथा दीपिका उर्फ बबली शामिल बताए गए।
घायलों को पहले शिकोहाबाद के अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति वाले लोगों को फिरोजाबाद के सरकारी ट्रॉमा सेंटर और आगरा के अस्पतालों में रेफर किया गया। हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए।
गुस्साए ग्रामीणों ने कार सवारों को पकड़ा, जमकर हुई पिटाई
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कार का पीछा किया और कार सवारों को घेर लिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने कार में सवार चार युवकों की पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें ग्रामीणों के चंगुल से निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
बाद की रिपोर्ट के अनुसार, पिटाई में गंभीर रूप से घायल कार सवार गुलफाम ने सोमवार सुबह आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दम तोड़ दिया। कार सवार अन्य युवकों की हालत भी गंभीर बताई गई। इस तरह हादसे में मारे गए ग्रामीणों के अलावा कार सवार की मौत का मामला भी सामने आया।
अस्पताल में हंगामा, मौके पर पहुंचा पुलिस-प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों में आक्रोश इतना अधिक था कि उन्होंने मृतकों के शव उठाने को लेकर भी विरोध किया।
मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। हादसे के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
कार सवारों के नशे में होने का भी आरोप
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार सवार नशे की हालत में थे। हालांकि, यह आरोप था; इसकी पुष्टि जांच के आधार पर ही की जा सकती है। घटना के कारणों, कार चालक की भूमिका और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है।
एक हादसे ने उजाड़ दिए कई परिवार
छटनपुर गांव में टेसू-झांझी के विवाह के बाद निकली विसर्जन यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। शिशुपाल की तीन बेटियों की मौत ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया। एक साथ कई लोगों की जान जाने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को सामने ला दिया है। साथ ही, हादसे के बाद भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की घटना भी गंभीर चिंता का विषय है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस की आगे की कार्रवाई अहम होगी।





