नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। नौ भारतीय पहलवानों को अमेरिकी वीजा नहीं मिलने के मामले में कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने अमेरिकी दूतावास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वीजा नहीं मिलने से भारतीय पहलवानों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भागीदारी प्रभावित हुई और इसका असर भारत के पदक जीतने की संभावनाओं पर भी पड़ सकता था।
नौ पहलवानों को वीजा नहीं मिलने से बढ़ा विवाद
भारतीय पहलवानों को अमेरिका जाने के लिए वीजा नहीं मिलने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने इस घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए हैं कि खिलाड़ियों को समय पर वीजा नहीं मिलने से उनके खेल करियर और देश की पदक उम्मीदों को नुकसान क्यों उठाना पड़े।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए खिलाड़ियों को समय पर यात्रा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। ऐसे में वीजा प्रक्रिया में देरी या वीजा नहीं मिलना खिलाड़ियों की तैयारियों पर असर डाल सकता है।
क्या भारत के हाथ से निकल सकता था स्वर्ण पदक?
कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नौ पहलवानों को वीजा नहीं मिलने से भारत की स्वर्ण पदक जीतने की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा। हालांकि, यह कहना कि वीजा मिलने पर भारत निश्चित रूप से स्वर्ण पदक जीतता, प्रतियोगिता के परिणामों और पहलवानों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
अमेरिकी दूतावास पर उठे सवाल
इस मामले में अमेरिकी दूतावास की वीजा प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। हालांकि, वीजा नहीं देने के आधिकारिक कारण, संबंधित प्रतियोगिता का नाम और दूतावास की प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ा है मामला
खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर खिलाड़ियों के वर्षों के अभ्यास और मेहनत से जुड़ा होता है। ऐसे में वीजा संबंधी समस्याओं के कारण खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय मंच तक नहीं पहुंच पाना खेल जगत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।





