लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) कर्मचारियों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। डिप्टी सीएम आवास के सामने एएनएम कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वर्ष 2027 में सरकार को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
डिप्टी सीएम आवास के सामने जुटीं एएनएम
प्रदर्शन के दौरान एएनएम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दों पर सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं का समाधान करने और मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की।
सड़कों पर धरना, सरकार के खिलाफ नाराजगी
डिप्टी सीएम आवास के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किए जाने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। उनके मुताबिक, सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
2027 के चुनाव को लेकर दी चेतावनी
प्रदर्शन कर रहीं एएनएम कर्मचारियों ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर चुनाव में देखने को मिल सकता है। इस चेतावनी के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार तक अपनी नाराजगी पहुंचाने का प्रयास किया।
मांगों पर फैसले का इंतजार
एएनएम कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद अब निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। कर्मचारियों की मांगें क्या हैं और उन पर शासन स्तर से क्या निर्णय लिया जाता है, यह आगे की स्थिति तय करेगा। फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते हुए समाधान की मांग दोहराई है।





