नई दिल्ली। महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर सोमवार, 7 सितंबर 2026 को पुणे में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने ‘विद्यार्थी आक्रोश मोर्चा’ निकाला। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए सरकार और आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा विवाद?
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक इस परीक्षा को रद्द किया जा चुका है और मामले की जांच चल रही है। छात्रों का कहना है कि बार-बार परीक्षा विवाद सामने आने से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
छात्रों की प्रमुख 5 मांगें
- पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- दोषी अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- MPSC अध्यक्ष और सचिव की जवाबदेही तय कर कार्रवाई/इस्तीफे पर फैसला लिया जाए।
- परीक्षा प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- रद्द या प्रभावित परीक्षाओं को लेकर समयबद्ध पुनर्परीक्षा और स्पष्ट भर्ती प्रक्रिया घोषित की जाए।
सरकार ने क्या कहा?
महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की है। समिति छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों समेत विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर काम करेगी।
छात्रों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्यभर में तेज किया जा सकता है।





