काठमांडू/तिब्बत: हिमालयी क्षेत्र में कुदरत का कहर देखने को मिला है। तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर से जुड़ी अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई गांव, सड़कें, पुल और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं।
बताया जा रहा है कि बाढ़ का पानी अचानक निचले इलाकों की ओर बढ़ा, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई घर और निर्माणाधीन ढांचे बह गए, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
इस आपदा में सात लोगों की मौत की खबर है, जबकि चार जवान लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश में सेना, पुलिस और बचाव दल जुटे हुए हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाका और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी चुनौती बना हुआ है।
नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन ने नदी और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। हालिया रिपोर्टों में नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में कई गांवों और बिजली परियोजनाओं को नुकसान तथा बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के प्रभावित होने की बात सामने आई है।





