नई दिल्ली/छत्रपति संभाजीनगर। जंतर-मंतर पर लंबे आंदोलन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने अगले चरण की रणनीति तय करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। संगठन ने फिलहाल चुनावी राजनीति से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है और अब शिक्षा सुधार तथा E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर जनआंदोलन खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित दो दिवसीय रणनीति बैठक में CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके और संगठन के पदाधिकारियों ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि वर्तमान समय में राजनीतिक दल बनाने के बजाय जनहित के मुद्दों पर देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाना अधिक प्रभावी होगा।
बैठक में शिक्षा व्यवस्था को संगठन की पहली प्राथमिकता बताया गया। CJP का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई जाएगी। संगठन का मानना है कि जंतर-मंतर आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि युवाओं की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डाल सकती है।
इसके साथ ही CJP ने E20 पेट्रोल को लेकर भी बड़ा अभियान शुरू करने का संकेत दिया है। संगठन का दावा है कि E20 ईंधन से जुड़े तकनीकी, आर्थिक और उपभोक्ता हितों के सवालों पर व्यापक जनचर्चा की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान और विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
CJP नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी भी चुनाव में उतरने या किसी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने की योजना नहीं है। उनका कहना है कि संगठन का उद्देश्य एक मजबूत सामाजिक आंदोलन खड़ा करना है, जो युवाओं और आम नागरिकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाए। भविष्य में चुनावी राजनीति को लेकर कोई निर्णय जनता की राय के आधार पर ही लिया जाएगा।
जंतर-मंतर आंदोलन के बाद CJP की यह नई रणनीति संकेत देती है कि संगठन अब केवल छात्र आंदोलनों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि शिक्षा, रोजगार और ईंधन नीति जैसे व्यापक जनहित के मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में है।





