फीनिक्स मिल्स लिमिटेड ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए, जिसमें मुनाफे और रेवेन्यू में वृद्धि हुई, लेकिन शेयर 4.65% गिर गए। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के अनुसार, कंपनी की कमाई उम्मीद से कम रही और रिटेल इनकम में कमी गिरावट का मुख्य कारण रही।
भारत की दिगग्ज प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर और ऑपरेटर फीनिक्स मिल्स लिमिटेड ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। मुनाफे और रेवेन्यू में उछाल देखी गया। इसके बावजूद कंपनी के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखी गई। नतीजों में गिरावट क्यों आई, इसे लेकर ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने जानकारी दी है।
फीनिक्स मिल्स लिमिटेड 121 साल पुरानी कंपनी है। यह शेखों के शहर दुबई से लेकर मायानगरी तक में बड़े शॉपिंग मॉल, होटल और ऑफिस स्पेस बनाती और उनका प्रबंधन करती है।
कंपनी के मुनाफे में उछाल, लेकिन उम्मीद से कम
कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit attributable to owners) बढ़कर ₹296.86 करोड़ (29,686.33 लाख रुपये) रहा। यह पिछले साल इसी तिमाही (Q1 FY26) में यह आंकड़ा ₹240.68 करोड़ था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 23.3% की वृद्धि देखी गई है।
इस प्रदर्शन के बावजूद फीनिक्स मिल्स लिमिटेड के शेयर इस समय 4.65% गिरकर 1928 रुपये (Phoenix Mills Ltd Shares) के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
जून तिमाही में कंपनी की कुल आय (Total Income) ₹1,115.15 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹984.50 करोड़ थी। कंपनी की आय का मुख्य हिस्सा प्रॉपर्टी और उससे जुड़ी सेवाओं से आया है।
नतीजों को लेकर ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कहा कि फीनिक्स मिल्स की Q1FY27 की कमाई उम्मीद से कम रही। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और EBITDA ब्लूमबर्ग के अनुमानों से क्रमशः 4% और 3% कम रहा। बुधवार को इसका शेयरों में 4 फीसदी तक की गिरावट देखी गई।
ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने क्या कहा?
नोमुरा ने कहा कि कई वजहों से, खपत के मुकाबले रिटेल इनकम का प्रतिशत एक साल पहले के 14.1% से घटकर 12.5% हो गया। कंपनी ने कहा, “कैटेगरी मिक्स का असर – 1QFY27 में खपत में बढ़ोतरी मुख्य रूप से ज्वेलरी/इलेक्ट्रॉनिक्स (साल-दर-साल 55-61%) में हुई, जिनका रेवेन्यू-शेयर अनुपात कम होता है।”
ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि पुणे और बेंगलुरु में कंपनी के ‘मार्केट सिटी’ मॉल अभी किरायेदारों के बदलने के दौर से गुजर रहे हैं और इन्हें स्थिर होने में शायद 1-2 क्वार्टर और लगेंगे। नए मॉल्स के लिए, लीज का स्ट्रक्चर ‘मिनिमम गारंटी प्लस रेवेन्यू शेयर’ वाला है। इससे नुकसान का जोखिम तो कम होता है, लेकिन रेवेन्यू शेयर की सीमा तक पहुंचने में स्वाभाविक रूप से कुछ समय लगता है।”





