बल्दीराय/सुल्तानपुर। तहसील बल्दीराय क्षेत्र के समरथपुर से पड़रे तक लगभग पांच किलोमीटर लंबे गंदानाले की सफाई को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई कार्य केवल पुल और पुलियों के आसपास कराकर पूरे नाले की सफाई का दावा कर दिया गया, जबकि अधिकांश हिस्से में आज भी झाड़-झंखाड़ और गाद जमा है, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार कागजों में पूरे नाले की सफाई दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान किए जाने की आशंका है। उनका आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उनका कहना है कि यदि पूरे नाले का निष्पक्ष स्थलीय निरीक्षण कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति की बात करती है लेकिन यदि उनके आरोप सही पाए जाते हैं तो यह नीति पर सवाल खड़े करता है और शासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है। स्थानीय लोगों ने पूरे नाले का भौतिक सत्यापन, भुगतान अभिलेखों तथा माप पुस्तिका (एमबी) की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।





