ईरान-अमेरिका शांति और होर्मुज स्ट्रेट खुलने से कच्चे तेल की कीमतें $60 प्रति बैरल से नीचे गिरने की उम्मीद है। सिटी ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।
ईरान और अमेरिका (US-Iran War) के बीच युद्ध खत्म होने और डील साइन होने के बाद पश्चिम एशिया में शांति है, और इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट के खुलने क्रूड की कीमतें (Crude Prices) लगातार कम हो रही है और अब इसमें तगड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। सिटी ग्रुप के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटें कम होने के कारण साल के आखिर तक ब्रेंट ऑयल की कीमत गिरकर $60 प्रति बैरल तक आ सकती है। यह ग्लोबल क्रूड मार्केट के लिए मंदी की आशंका जताने वाली राय में एक और इजाफा है।
हालांकि, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती का फैसला पूरी तरह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर निर्भर करता है। इससे पहले युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी आने के बावजूद ईंधन के दाम काफी दिनों तक नहीं बढ़ाए गए थे इससे OMCs को काफी नुकसान झेलना पड़ा।
CITI ने नोट में क्या कहा?
सिटीग्रुप इंक. के एनालिस्ट्स ने एक नोट में कहा, “होर्मुज़ स्ट्रेट में आई रुकावटें कम हो रही हैं और फंडामेंटल्स तेज़ी से अपनी जगह बना रहे हैं।” “शिपिंग का आवागमन सामान्य हो रहा है, चीनी खरीदार अभी भी बाज़ार से दूर हैं, कच्चे तेल (क्रूड) का फिजिकल मार्केट काफ़ी कमज़ोर हो गया है और इन्वेंट्री में उम्मीद से बहुत कम कमी आई है।”
होर्मुज जलमार्ग से ऑयल फ्लो फिर से शुरू होने से निकट भविष्य में आपूर्ति में वृद्धि हुई है, जिससे प्रोसेसरों को वैकल्पिक स्रोतों की व्यवस्था करने के बाद अतिरिक्त बैरल प्राप्त हुए हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार तेजी से सामान्य स्थिति में लौट रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप कीमतों में तेजी से गिरावट आई है, और वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट की कीमत दूसरी तिमाही में 30% तक गिर गई है।
एनालिस्ट्स का कहना है कि शुरुआती समय में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है, क्योंकि शिपिंग रूट सामान्य हो रहे हैं, इंश्योरेंस मार्केट खुद को एडजस्ट कर रहे हैं और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी बची-खुची रुकावटें धीरे-धीरे दूर हो रही हैं।





