मिनाब स्कूल की शहीद बच्चियों को याद करते हुए इमाम हुसैन के नाम पर 50 से अधिक लोगों ने किया रक्तदान
हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की अज़ीम याद में स्थानीय आज़ाखाना अकबर अली में मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। मिनाब स्कूल की शहीद बच्चियों की याद को ताज़ा करते हुए इमाम हुसैन के नाम पर एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिशिरमें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और देखते ही देखते 50 से अधिक लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
शिविर में पहुंचे प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सोहराब मारूफ ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) किसी एक कौम या मजहब के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के प्रतीक हैं। उनका जीवन और शहादत हमें मजलूमों की मदद करने और इंसानियत की सेवा करने की सीख देती है। आज मिनाब स्कूल की मासूम शहीद बच्चियों की याद में किया गया यह रक्तदान उसी हुसैनी सोच का साक्षात उदाहरण है।
शिविर के मुख्य आयोजक शहज़ाद रज़ा एडवोकेट ने सभी रक्तदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि म हुसैनी ब्लड ग्रुप बिना किसी धार्मिक या सामाजिक भेदभाव के हर ज़रूरतमंद की जान बचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि उनका ग्रुप भविष्य में भी इसी तरह पूरी शिद्दत के साथ इंसानियत की ख़िदमत करता रहेगा।
शिविर में रक्तदान करने के बाद दिल्ली से आए हुए युवाओं अज़हर नकवी और मुंबई से आए हुए फिल्म निर्देशक वसीम अमरोहवी ने संयुक्त रूप से कहा, “कर्बला के शहीदों और मिनाब स्कूल की मासूम बच्चियों की शहादत का दर्द हमारे दिलों में है। अज़ादारी का असल मकसद इमाम हुसैन के नक्श-ए-कदम पर चलकर समाज के काम आना है। आज हमारा दिया हुआ खून अगर किसी तड़पते हुए मरीज़ की जान बचा सका, तो यही हमारी सच्ची अज़ादारी और शहीदों को सच्ची खिराज-ए-अकीदत होगी।





