तनवीर की बूथ स्तर तक संगठनात्मक पकड़ बन रही प्रमुख आधार
शाहजहांपुर, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। जिले की सबसे चर्चित मानी जाने वाली 135 नगर विधानसभा सीट पर एक बार फिर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच दिलचस्प मुकाबले की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगातार नौ बार विधायक रहे तथा प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना एक बार फिर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। वहीं समाजवादी पार्टी भी इस सीट पर नया प्रयोग करने के बजाय अपने पुराने और भरोसेमंद चेहरे तनवीर खान पर दांव लगा सकती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सुरेश कुमार खन्ना ने तनवीर खान को लगभग नौ हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। हालांकि चुनाव में तनवीर खान ने कड़ी टक्कर देकर राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया था।
सपा सूत्रों की मानें तो तनवीर खान की पार्टी के प्रति लंबे समय से निष्ठा, कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ तथा नगर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। यही कारण है कि पार्टी नेतृत्व इस सीट पर किसी नए चेहरे को उतारकर जोखिम लेने के पक्ष में नहीं दिखाई दे रहा है।
नगर विधानसभा सीट पर इससे पूर्व समाजवादी पार्टी कई प्रत्याशियों को मैदान में उतार चुकी है, लेकिन भाजपा के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर सफलता नहीं मिल सकी। ऐसे में वर्ष 2022 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले तनवीर खान का नाम फिर से प्रमुखता से लिया जा रहा है।
यदि तनवीर खान के राजनीतिक सफर की बात करें तो उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत समाजवादी पार्टी से ही की थी। वह शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा उनकी माता भी नगर पालिका अध्यक्ष रह चुकी हैं। वर्तमान में तनवीर खान समाजवादी के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
वहीं पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद नगर विधानसभा का राजनीतिक समीकरण और रोचक हो गया है। जयेश प्रसाद भी इस सीट से अपनी दावेदारी जता चुके हैं। ऐसे में आगामी चुनाव में सपा नेतृत्व किस चेहरे पर अंतिम मुहर लगाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।





