डीएम को दिए ज्ञापन में चेतावनी दी यदि जब तक उनका बकाया भुगतान नहीं दिया जाता, तब तक वह कार्य का बहिष्कार करेंगे
महोबा। तीन माह से बिजली विभाग के मीटर रीडरों का वेतन न मिलने और कंपनी के शोरण करने के विरोध में शनिवार को मीटर रीडरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। डीएम को दिए गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि जब तक उनका बकाया भुगतान नहीं दिया जाता, तब तक वह कार्य का बहिष्कार करेंगे।
जिले के मीटर रीडर फरवरी माह से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। कौशल किशोर, योगेश, अमित, अकबर और अनूप शुक्ला सहित दर्जनों कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में बिजली विभाग और टीडीएस कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जबकि इससे पहले नवंबर-दिसंबर का वेतन भी रोक दिया गया था।
पीड़ित मीटर रीडरों को बिलिंग के लिए 20 से 50 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है, जिसका पेट्रोल और मोबाइल खर्च उन्हें अपनी जेब से वहन करना पड़ता है। वेतन न मिलने के कारण अब उनके पास बाइक में पेट्रोल डलवाने तक के पैसे नहीं हैं। कर्मचारियों ने कंपनी पर गंभीर शोषण के आरोप लगाए हैं। अनूप शुक्ला ने बताया कि सैलरी स्लिप में प्रति बिल 16 रुपये का जिक्र होता है, लेकिन कंपनी उन्हें केवल ढाई रुपये प्रति बिल का भुगतान कर रही है। महीने भर की कड़ी मेहनत के बाद भी उन्हें सिर्फ 4 से 5 हजार रुपये ही मिलते हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जब भी वे अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो कंपनी के अधिकारी उन्हें नौकरी से निकालने या एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते हैं। उन्हें न तो पीएफ की सुविधा मिल रही है और न ही यात्रा भत्ता। मीटर रीडरों ने काम के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। डीएम को दिए ज्ञापन में मांग की गई है कि उनका बकाया वेतन तत्काल दिलाया जाए और न्यूनतम वेतन के साथ अन्य भत्ते लागू किए जाएं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक बिलिंग का कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा।





