कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार पर ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया, इसे ‘शर्मनाक’ बताया और आर्थिक संकट की चेतावनी दी।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू हुए तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन केंद्र सरकार अब तक देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता केवल चुनाव और छोटी राजनीति रह गई है, जबकि आम लोगों को वैश्विक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ईंधन भंडारण और वैकल्पिक तैयारी को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई।
उन्होंने कहा कि यह ‘शर्मनाक, लापरवाह और अनैतिक’ है कि सरकार आम नागरिकों को असुविधा में डाल रही है, जबकि उसे पहले से तैयारी करनी चाहिए थी ताकि वैश्विक संकट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर न पड़े।
कांग्रेस ने जताई आर्थिक संकट की आशंका
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यदि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो देश को बड़े आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पर्याप्त ईंधन भंडार सुनिश्चित किया जाए ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कांग्रेस नेता की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिका समर्थित नौ सूत्रीय शांति योजना के जवाब में 14 सूत्रीय प्रस्ताव तैयार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के प्रस्ताव में युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए तीन चरणों वाली योजना शामिल है।
बताया गया है कि ईरान ने प्रतिबंधों में राहत, ईरानी बंदरगाहों से रोक हटाने, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकने जैसी मांगें रखी हैं।
पीएम मोदी ने लोगों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की
इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में लोगों से आर्थिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर जान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुश्किल समय में जिम्मेदारी से जीवन जीना भी देशसेवा है।
वैश्विक आपूर्ति संकट और बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से ईंधन की बचत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो वहां मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया जाए, निजी वाहनों में कार पूलिंग अपनाई जाए और माल परिवहन के लिए रेल सेवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाने की भी अपील की और कहा कि सामूहिक प्रयासों से देश आर्थिक चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है।





